
शेयर बाजार में नया निवेश करने का मन है और आप सुनते रहते हैं 'आईपीओ' का नाम, लेकिन यह है क्या? आसान भाषा में, आईपीओ यानी प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव एक ऐसा मौका है जब कंपनी पहली बार अपने शेयरों को आम जनता के लिए खोलती है। मतलब, अब आप भी उस कंपनी के भागीदार बन सकते हैं।
हर निवेशक चाहता है कि वो सही टाइम पर सही कंपनी में पैसा लगाए ताकि उसे अच्छा फायदा हो। आईपीओ एक मौका देता है जब आप सामूहिक निवेश से मार्केट में उतरती कंपनियों के शेयर सीधे खरीद सकते हैं।
जब कोई कंपनी विस्तार करना चाहती है या नया बिजनेस शुरू करना चाहती है तो वह शेयर जारी करती है। यह शेयर स्टॉक मार्केट में बेचने के लिए उपलब्ध होते हैं। पहली बार शेयर बाजार में आने वाली कंपनी का यह ऑफर ही आईपीओ कहलाता है। निवेशक इस ऑफर में हिस्सा लेकर कंपनी का हिस्सा खरीदते हैं। बाद में ये शेयर सेकेंडरी मार्केट में खरीदे और बेचे जा सकते हैं।
आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति, प्रॉफिटेबलनेस, मार्केट रूम और भविष्य की योजना समझना जरूरी होता है। इससे आप बेहतर फैसला ले सकते हैं कि निवेश करना सही रहेगा या नहीं।
आईपीओ में निवेश का एक बड़ा फायदा यह है कि आप कंपनी के शेयर सबसे पहले खरीद पाते हैं, जिससे शुरुआती लाभ मिलने के बेहतर मौके होते हैं। कई बार नए आईपीओ में शेयर की कीमत लिस्टिंग के बाद जल्दी बढ़ जाती है।
लेकिन, हर आईपीओ सफल नहीं होता। कुछ कंपनियों के शेयर गिर भी सकते हैं, इसलिए रिसर्च करना जरूरी है। साथ ही, अपने निवेश के लिए बजट तय करना और जरूरी समझ के बिना डुबकी ना लगाना बचत का सही तरीका है।
तो अगली बार जब आप किसी नए आईपीओ के बारे में सुनें, तो थोड़ा रुककर उसकी कंपनी की गहराई से जांच करें, मार्किट कंडीशंस को समझें और फिर स्मार्ट निवेश करें। जानते रहिए, सीखते रहिए और बढ़त की ओर बढ़िए।