
क्या आपने कभी किसी को ऐसे ऑफर दिया देखा है — ‘‘पहले फीस दे दो, एडमिशन पक्का’’? शिक्षा घोटाले इसी तरह छुपे रूप में आते हैं। दाखिला, प्रमाणपत्र, स्कॉलरशिप या प्लेसमेंट के नाम पर लोग फंसते हैं। यह पेज आपको बताएगा कि ऐसे फ्रॉड कैसे पहचानें, क्या जाँचें और घोटाला होने पर क्या कदम उठाएं।
सबसे पहले — दावों को आधिकारिक डॉक्यूमेंट से मिलाइए। कोई कॉलेज या कोर्स अगर UGC, AICTE, NCTE या राज्य शिक्षा बोर्ड की सूची में नहीं है, तो सतर्क हो जाइए।
दूसरे, बहुत ज्यादा वादा करने वाले एजेंट या संस्थान पर शंका रखें। ‘‘100% प्लेसमेंट’’ या ‘‘न्यूनतम फीस में विदेशी ट्रेनिंग’’ जैसे दावे अक्सर झूठ होते हैं।
तीसरे, फर्जी वेबसाइट और नकली प्रमाणपत्र आम हैं। संस्थान की वेबसाइट का डोमेन, संपर्क पते और ईमेल आईडी चेक करें — सरकारी संस्थाओं के नाम और लोगो की नकल अक्सर मिलती है।
चौथा, भुगतान के तरीके पर गौर करें। केवल कैश, व्यक्तिगत बैंक अकाउंट या वाइटल समय पर रसीद न देना चेतावनी है। आधिकारिक फीस खाते और इनवॉइस मांगे बिना पैसों का लेन-देन रिस्की है।
पहला कदम: किसी भी कॉलेज या कोर्स की मान्यता आधिकारिक पोर्टलों पर खुद जाँचें — उदाहरण के लिए UGC (ugc.ac.in) और AICTE (aicte-india.org)। संस्थान का नाम सर्च कर सूची में मिल रहा है या नहीं देखें।
दूसरा: एजेंट के बजाय सीधे संस्थान से मिलें। ऑफर लेटर, शुल्क संरचना और रिफंड पॉलिसी लिखित रूप में लें।
तीसरा: भुगतान बैंक ट्रांसफर या चेक से करें और हर ट्रांज़ैक्शन की रसीद सुरक्षित रखें। अगर संस्थान काउंटर-रसीद नहीं देता तो सतर्क हो जाएँ।
चौथा: दूसरों की रिव्यू और छात्र समुदाय से बात करें। पूर्व छात्रों से संपर्क कर असल अनुभव जानना ज्यादा उपयोगी होता है।
अगर आपको लगता है कि आप ठगे गए हैं, तो जल्दी से कदम उठाइए।
साक्ष्य इकट्ठा करें — रसीद, ईमेल, व्हाट्सऐप मैसेज और किसी भी तरह का लिखित संचार संभाल कर रखें।
स्थानीय पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराइए और साइबर फ्रॉड के लिए National Cyber Crime Portal (cybercrime.gov.in) पर शिकायत करें।
साथ ही राज्य शिक्षा विभाग, UGC/AICTE की होल्डर लाइनों और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएँ। फ़ीस रिफंड के लिए बैंक से चैलान रिवर्सल की भी मांग करें।
छात्र और माता-पिता सतर्क रहकर भारी नुकसान से बच सकते हैं। थोड़ी जाँच और सही सवाल पूछना अक्सर बड़ा फर्क डाल देता है। अगर आप चाहें तो किसी संदेहास्पद ऑफर का स्क्रीनशॉट या विवरण लेकर स्थानीय उपभोक्ता मंच या हमारी वेबसाइट पर भी सलाह मांग सकते हैं।
याद रखें — सही जानकारी और दस्तावेज ही सबसे बड़ी सुरक्षा हैं। छोटे संकेतों को अनदेखा न करें और किसी भी शंका में तुरंत सत्यापन कर लें।