
अगर आप नागपुर में रहते हैं या आ रहे हैं तो तापमान की जानकारी रोज़ काम आती है। यहाँ गर्मियों में तेज़ गर्मी, मानसून में उमस और सर्दियों में ठंड—तीन साफ़ पैटर्न दिखते हैं। नीचे सीधे और उपयोगी बातें बताई हैं ताकि आप तुरंत समझ सकें कि कब क्या उम्मीद रखें और कैसे तैयार रहें।
अप्रैल से जून तक: तापमान आम तौर पर 35°C से 45°C तक चला जाता है। मई सबसे गर्म महीना माना जाता है; तेज धूप और नमी कम होती है। जून की शुरुआत में भी गर्मी रहती है, फिर मानसून आते ही तापमान गिरता है।
जून से सितंबर (मानसून): बारिश आने पर अधिकतम तापमान 30°C के आसपास आ जाता है, पर नमी बहुत बढ़ जाती है। हवा ठंडी नहीं होती, इसलिए हीट इंडेक्स कभी-कभी असल तापमान से ज्यादा परेशान करता है।
अक्टूबर से फरवरी (सर्दियाँ): रातें ठंडी पड़ती हैं। दिसंबर-जनवरी में न्यूनतम 10–15°C तक गिर सकता है। दिन में हल्की धूप मिलती है, पर सुबह-शाम ठंड लग सकती है।
सिर्फ़ तापमान देखना पर्याप्त नहीं होता। नमी (ह्युमिडिटी) मिलकर हीट इंडेक्स बनाती है — यानी आपको असल में कितना गर्म लगेगा। मानसून के दिनों में तापमान कम दिखेगा पर उमस ज्यादा होने की वजह से थकान ज़्यादा होगी।
विंड स्पीड से भी फर्क पड़ता है: तेज़ हवा होने पर शरीर को ठंडक मिलती है, वहीं हवा मंद हो तो ताप जल्दी बढ़ता हुआ लगेगा। इसलिए रिपोर्ट में 'हवा की गति' और 'ह्युमिडिटी' भी देखें।
कैसे अपडेट लें: IMD की वेबसाइट या ऐप, स्थानीय मौसम चैनल और भरोसेमंद मौसम ऐप (Weather.com, AccuWeather) रोज़ाना सुबह और शाम चेक करें। अलर्ट और वार्निंग्स पर खास ध्यान दें—हवाओं या भारी बारिश के लिए।
प्रैक्टिकल टिप्स:
किसानों के लिए टिप: बुवाई और फसल संरक्षण मानसून के मूड पर निर्भर करते हैं। गर्मियों में सिंचाई पर ध्यान दें; मानसून के शुरू होते ही मिट्टी में नमी बढ़ने पर बीज रोगों का खतरा बढ़ता है।
अगर आप रोज़-रोज़ खबर चाहते हैं तो हमारे लोकल मौसम अपडेट और अलर्ट देखें। नागपुर तापमान के बारे में ताज़ा जानकारी रखने से आप तेज़ फैसले बेहतर ढंग से ले सकेंगे।