
मौद्रिक नीति समिति के छोटे-छोटे फैसले सीधे आपके घर के बजट पर असर करते हैं। EMI बढ़ती हैं या FD पर दर बढ़ती है—यह सब MPC के संकेतों से जुड़ा होता है। आज मैं सरल भाषा में बताऊँगा कि MPC क्या करती है, किन चीज़ों पर ध्यान देती है और आप कैसी तैयारी कर सकते हैं।
MPC यानी मौद्रिक नीति समिति, RBI के अंदर बनी एक टीम है जो ब्याज दर (मुख्यतः रेपो दर) तय करती है। कानून के मुताबिक़ यह कम से कम चार बार साल में मिलती है; आमतौर पर छह बार बैठक देखी जाती हैं। समिति में RBI के गवर्नर, डिप्टी गवर्नर और कुछ बाहरी विशेषज्ञ होते हैं। हर सदस्य वोट देता है और बहुमत के हिसाब से निर्णय आता है।
MPC का मुख्य लक्ष्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना है—अर्थात्, महंगाई 4% ±2% के दायरे में बनाए रखना। अगर महंगाई तेज़ बढ़ रही है, तो MPC दरें बढ़ाकर मांग को ठंडा कर देता है; और अगर अर्थव्यवस्था सुस्त है, तो दरें घटाकर खर्च और निवेश बढ़ाने की कोशिश होती है।
1) कर्ज (होम लोन, पर्सनल लोन): MPC रेपो बढ़ाये तो बैंक लोन महँगा हो सकता है। फ्लोटिंग रेट कर्ज होने पर EMI बढ़ सकती है। अगर आप कर्ज लेने की सोच रहे हैं तो MPC की अगली बैठक और वर्तमान महंगाई डेटा पर नज़र रखें।
2) बचत व निवेश: रेपो घटने पर बैंक FD की दरें घट सकती हैं; बढ़ने पर FD दरें ऊपर आ सकती हैं। इक्विटी में लंबी अवधि के लिए जोखिम लेने वाले निवेशक दर घटने पर लाभ उठा सकते हैं; वहीं सुरक्षित निवेशक बॉन्ड और बैंक फ़िक्स्ड डिपॉज़िट की दरों की खबर रखें।
3) बिजनेस और छोटे व्यापार: ब्याज दर बढ़ने से उधारी महँगी होगी और कारोबार की लागत बढ़ेगी। योजना बनाते समय ऋण की लागत के बदलने की संभावना को ध्यान में रखें।
क्या आपको जानना चाहिए कि MPC किस पर ध्यान देती है? CPI (खाद्य-इंधन महंगाई), GDP ग्रोथ, तेल की कीमतें, सरकारी खर्च और विदेशी मुद्रा की स्थिति। ये संकेतक मिलकर निर्णय को प्रभावित करते हैं।
अंत में, एक छोटा व्यवहारिक नियम: अगर आपकी फाइनेंस ज़्यादा संवेदनशील है (उदाहरण: बड़े होम लोन या लंबी अवधि के बांड), तो MPC की बैठक से पहले ही अपने विकल्प पर दोबारा नजर डालें। छोटी बचत-खाते और दैनिक खर्च पर असर कम लगेगा, पर EMI और बड़ी निवेश रणनीतियों पर फर्क पड़ सकता है।
अगर आप चाहें, मैं आपकी वित्तीय स्थिति देखकर बता सकता हूँ कि MPC के संभावित फैसलों में किस तरह ताबड़ीदारी करें — कर्ज ले, फिक्स्ड रखें या इक्विटी बढ़ाएँ। बताइए, किस बारे में सलाह चाहिए?