
क्या आपने कभी सोचा है कि लक्ष्मी पूजा इतनी खास क्यों मानी जाती है? ये पूजा न सिर्फ धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का जरिया है, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि लाने का भी सबसे सरल और कारगर उपाय है। ज्यादातर लोग इसे दीपावली के दिन तो करते हैं, लेकिन इसे सही विधि से करना जरूरी है ताकि लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहे।
लक्ष्मी पूजा का सबसे बढ़िया समय देर शाम का होता है, खासकर दीपावली के दूसरे या तीसरे दिन। हालांकि, पूजा का मुहूर्त ग्रहण और नक्षत्र के आधार पर बदलाव हो सकता है। कई लोग चतुर्थी तिथि और शुक्रवार के दिन भी पूजा करते हैं क्योंकि माना जाता है कि इन दिनों मां लक्ष्मी की प्रसन्नता ज्यादा रहती है।
शुभ मुहूर्त में पूजा करने से धन लाभ और खुशहाली बढ़ती है। इसलिए, पूजा के दिन पहले से शुभ समय जरूर चेक कर लें ताकि पूजा के दौरान ध्यान पूरी तरह बना रहे।
घर पर लक्ष्मी पूजा करने के लिए सबसे पहले साफ-सुथरा स्थान चुनें। पूजा के लिए साफ चौक बनाएं और वहां लाल कपड़ा बिछाएं। पूजा सामग्री में अक्षत (चावल), हल्दी, कुमकुम, फूल, अगरबत्ती, लाल मटका या दीपक, मिठाई और फल रखें।
पूजा की शुरुआत सरस्वती और गणेश जी की विधिपूर्ण आराधना से करें। फिर लक्ष्मी माता का चित्र या मूर्ति सामने रखकर हल्दी और कुमकुम से उनका आवाहन करें। दीप जलाएं और आरती करें। पूजा के बाद परिवार और मित्रों के बीच प्रसाद बांटना शुभ माना जाता है।
ध्यान रहे, पूजा करते समय मन में सकारात्मक सोच होनी चाहिए और लक्ष्मी माता से सच्चे मन से आशीर्वाद की मांग करनी चाहिए। ये छोटी-सी आदत घर में धन-समृद्धि लाती है और रिश्तों में भी मिठास बढ़ती है।
तो, अगली बार जब आप लक्ष्मी पूजा करें, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं और देखें कैसे आपका घर खुशियों से भर जाता है। याद रखें, पूजा सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि विश्वास और प्यार का प्रतीक है।