हीटवेव: गर्मी से बचने के जरूरी उपाय

गर्मी के तेज दिनों में शरीर और दिमाग दोनों जल्दी थक जाते हैं। क्या करें जब तापमान बढ़े और हीटवेव की चेतावनी जारी हो? यहां सीधे, आसान और तुरंत लागने वाले उपाय दिए गए हैं जो आप घर पर, बाहर और काम पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

हीटवेव के लक्षण और तुरंत करने वाली बातें

सबसे पहले लक्षण जान लें: तेज पसीना बंद होना, सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी, त्वचा का गर्म और शुष्क होना, और चेतना कम होना — ये हीटस्ट्रोक के संकेत हैं। अगर किसी को इनमें से कोई लक्षण दिखे तो उसे तुरंत छाया या एयरकंडीशन जगह पर ले जाएं, पसीना सूखाने के लिए नरम कपड़ा लगाएं और ठंडा पानी अलग-अलग हिस्सों पर डालें या ठंडे पैक्स रखें। चाय, कॉफ़ी और अल्कोहल से बचें — ये शरीर से पानी निकालते हैं।

यदि व्यक्ति बेहोश हो या भ्रमित दिखे, जलन कम न हो और बीमार महसूस तेज हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं या एम्बुलेंस बुलाएं। हीटस्ट्रोक घातक हो सकता है, देर न करें।

दैनिक जीवन में बचाव — आसान कदम

1) पानी पर फोकस करें: दिनभर छोटे-छोटे घूंट लेते रहें। नियमित पानी, नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक मदद करते हैं।
2) सही कपड़े: हल्के रंग के ढीले कपड़े और सूती कपड़ा पहनें। टोप या स्कार्फ से सिर ढकें।
3) समय बदलें: सुबह की जल्दी और शाम की देर पर बाहर काम या व्यायाम करें; दोपहर 11 से 4 बजे के बीच तेज काम टालें।
4) छाया और वेंटिलेशन: घर में पंखे और खिड़कियों की दिशा बदलकर हवा चालू रखें। शक्ल पर ठंडी पलकें रखें और जरूरत हो तो एसी का इस्तेमाल करें।

बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा जोखिम में रहते हैं। उन्हें बार-बार पानी दें, हल्का भोजन खिलाएं और दोपहर में न सोने दें अगर घर गर्म हो। मजदूरों, खेतों में काम करने वालों और सड़क पर रहने वालों के लिए पानी स्टेशन और शेड की व्यवस्था जरूरी है — पड़ोसियों से मिलकर ऐसी मदद की जा सकती है।

कार में कभी भी बच्चे या पालतू जानवर अकेले न छोड़ें। कुछ ही मिनटों में कार का तापमान खतरनाक हो सकता है।

खान-पान पर ध्यान दें: भारी, तली-भुनी चीजें और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचें। फल, सलाद और छाछ जैसे ठंडे, हाइड्रेटिंग विकल्प अपनाएं। शराब और बहुत ठंडी ड्रिंक्स तुरंत राहत देती हैं पर असल हाइड्रेशन के लिए पानी बेहतर है।

स्थानीय मौसम अपडेट देखें और सरकारी चेतावनियों को फॉलो करें। हरियाणा और आस-पास के जिलों में जब हीटवेव अलर्ट आए तो स्कूल-कॉलेजों की समय-सारिणी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बदलाव पर ध्यान दें। पड़ोसियों, खासकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों, का हाल-चाल लेते रहें।

इन सरल सावधानियों से गर्मी का प्रभाव काफी कम किया जा सकता है। अगर आप कोई बाहरी काम कर रहे हैं तो हर 30-45 मिनट में ब्रेक लें और ठंडी जगह पर बैठें। छोटी आदतें—जैसे पानी साथ रखना और धूप में बचना—आपकी सेहत बचा सकती हैं।

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