हीट स्ट्रोक: पहचानें और तुरंत मदद करें

क्या आपको पता है कि तेज़ धूप में 10–20 मिनट में भी शरीर ख़तरे में पड़ सकता है? हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर की तापमान नियंत्रण मशीन (शरीर का तापमान विनियमन) फेल कर जाती है और बॉडी का ताप बहुत बढ़ जाता है। यह आपातकाल है — अगर देर हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

सबसे पहले फर्क समझ लें: हीट एक्सहॉस्टन में व्यक्ति पसीना आता है, कमजोर महसूस करता है और उलझन कम होती है। हीट स्ट्रोक में त्वचा गर्म और सूखी हो सकती है, बुखार बहुत तेज़ (अक्सर 40°C के ऊपर), चेतना में कमी, चक्कर, उल्टी या दौरे तक आ सकते हैं।

अकसर दिखने वाले संकेत

इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें:

  • बहुत तेज़ बुखार (≈40°C या उससे ऊपर)
  • चेतना में बदलाव, भ्रम या बेहोशी
  • गर्मी से लाल, गरम या सूखी त्वचा
  • तेज़ दिल की धड़कन, साँस लेने में मुश्किल
  • मूँह सूखना, उल्टी या दौरे आना

यदि कोई बेहोश या चेतनात्मक रूप से कमजोर हो, तो तुरंत डॉक्टर या एंबुलेंस बुलाएँ।

फौरन क्या करें (पहली मदद)

आपके पास केवल कुछ मिनट हैं—ये सरल कदम मदद कर सकते हैं:

  • व्यक्ति को छाँव या ठंडी जगह पर ले जाएँ और कपड़े ढीले करें।
  • ठंडा पानी छिड़कें या गीले कपड़े, पंखा चलाएँ। अगर संभव हो तो ठंडी टब में डुबोना सबसे तेज़ है।
  • बगल, गर्दन और जाँघ के पास बर्फ के पैक रखें—यहाँ से तेज़ी से गर्मी कम होती है।
  • यदि व्यक्ति होश में है और निगल सकता है, तो धीरे-धीरे पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक दें।
  • बेहोशी, उल्टी या सांस लेने में दिक्कत हो तो कभी भी पानी देंने की कोशिश न करें—पहले पेशेवर मदद लें।

ध्यान रखें: पैरासिटामॉल या अन्य बुखार कम करने वाली दवाएँ हीट स्ट्रोक में असरदार नहीं होती—कूलिंग ही जरूरी है।

कौन ज़्यादा रिस्की ग्रुप हैं? बुज़ुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, हृदय या श्वास संबंधी मरीज, और बाहर काम करने वाले मजदूर। हरियाणा जैसे गर्म प्रदेशों में खेत मजदूर, निर्माण श्रमिक और सड़क पर काम करने वाले लोग विशेष रूप से जोखिम में रहते हैं।

रोकथाम सरल है: सुबह-शाम के ठंडे घंटे में काम करें, 11 बजे से 3 बजे तक धूप में कम रहें, हल्के और खुले कपड़े पहनें, हर 20–30 मिनट पर पानी पियें और इलेक्ट्रोलाइट लें अगर खूब पसीना आ रहा है। बच्चों और बुज़ुर्गों की निगरानी ज्यादा रखें—उनके कमरे को ठंडा रखें और पानी उपलब्ध रखें।

अंत में, यदि आपको लगता है कि किसी की हालत गंभीर है—बुखार बहुत तेज़, बेहोशी, दौरे या सांस लेने में तकलीफ—तो देरी न करें और नज़दीकी अस्पताल या एम्बुलेंस से संपर्क करें। जल्दी मदद से जान बच सकती है।

गर्मियों में सावधानी अपनाइए, ठीक समय पर ब्रेक और पानी लीजिए—यही असली सुरक्षा है।

शाहरुख खान को अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया, गर्मी के कारण हुआ हीट स्ट्रोक

शाहरुख खान को अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया, गर्मी के कारण हुआ हीट स्ट्रोक

बॉलीवुड सुपरस्टार और कोलकाता नाइट राइडर्स के सह-मालिक शाहरुख खान को हीट स्ट्रोक के कारण अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना मंगलवार को केकेआर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए आईपीएल मैच के बाद हुई, जब अभिनेता नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अपनी टीम की जीत का जश्न मना रहे थे।

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