
चोट किसी के भी साथ कभी भी हो सकती है — खेल में, घर के काम में या सड़क पर। चोट छोटा होने पर भी परेशानी बढ़ा सकती है अगर सही समय पर सही कदम न उठाए जाएं। यहां आप तुरंत करने वाले उपयोगी कदम, बचाव के आसान तरीके और उन संकेतों के बारे में पढ़ेंगे जब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी हो जाता है।
सबसे पहले शांत रहें और प्रभावित हिस्से का आकलन करें। छोटे कट-छाले हों तो साफ पानी से धोएं और किटो-किट से पट्टी लगाएं। अगर खून जोर से बह रहा है तो दबाव देकर रोकें और तुरंत मेडिकल मदद लें।
मोड/खिंचाव या सूजन में RICE तरीका अपनाएं — Rest (आराम), Ice (बर्फ/ठंडा सेक), Compression (हलकापन बॉन्डेज), Elevation (ऊपर उठाकर रखना)। बर्फ 15-20 मिनट के लिए रखें, सीधे त्वचा पर नहीं।
हड्डी टेढ़ी दिखे या बाहर निकली हो (बोन प्रोजेक्ट कर रहा हो), तो उस हिस्से को स्थिर रखें और तुरंत अस्पताल जाएं—हाथ या पैर घुमाने की कोशिश न करें। सिर पर चोट हो और बेहोशी, उल्टियां, चक्कर या बोलने में दिक्कत हो तो तुरंत इमरजेंसी में ले जाएं।
किसी भी चोट को रोकने का सबसे आसान तरीका है सतर्क रहना: खेल में वार्म-अप करें, हेलमेट व सुरक्षा उपकरण पहनें, सड़क पर सीट बेल्ट लगाएं और काम पर प्रोटेक्शन इस्तेमाल करें। बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी चाहिए—घिसटने से बचाने के लिए फर्श पर रूमाल/कारपेट आदि रखें।
रिकवरी के दौरान धीरे-धीरे हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग मदद करती है। भारी काम या खेल फिर से शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। दर्द कम होने पर भी बिना जांच के शारीरिक गतिविधि बढ़ाना रिस्की हो सकता है।
दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें। सूजन कम करने के लिए सामान्यत: आईबूप्रोफेन या पैरासिटामोल ले सकते हैं, पर किसी भी दवा से एलर्जी या दूसरी दिक्कत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
कब डॉक्टर को दिखाएँ? अगर दर्द तेज है, सूजन बढ़ रही है, चलने-फिरने में दिक्कत है, घाव फफोले बन रहे हैं, बुखार आ रहा है या घाव में गहरी गंदगी लगी हो — इन संकेतों पर तुरंत मेडिकल चेकअप ज़रूरी है।
आखिर में, चोट छोटी लगे तो भी अनदेखा मत करें। सही समय पर की गई प्राथमिक उपचार और बचाव कदम अक्सर पूरी रिकवरी सुनिश्चित कर देते हैं। अगर संदेह हो तो अस्पताल जाकर प्रोफेशनल सलाह लें—बेहतर है कि आप सुरक्षित रहें और जल्दी ठीक हो जाएँ।