भारतीय निशानेबाज़ी — खबरें, खिलाड़ी और कैसे शुरू करें

निशानेबाज़ी में भारत ने पिछले कुछ दशकों में बड़े मुकाम हासिल किए हैं। क्या आप खिलाड़ी बनना चाहते हैं या बस टीम की ताज़ा खबरें देखना चाहते हैं? यहाँ सीधे और काम की जानकारी मिलेगी — हालिया प्रदर्शन, कौन से टूर्नामेंट देखें, और अगर आप शुरु कर रहे हैं तो पहला कदम क्या होना चाहिए।

कहां से पढ़ें और किसे फॉलो करें

ताज़ा रिजल्ट और टूर्नामेंट कवरेज के लिए राष्ट्रीय फेडरेशन (National Rifle Association of India) और बड़ी खेल वेबसाइटें फॉलो करें। ओलंपिक, एशियाई खेल और विश्व कप में भारतीय शूटर्स के प्रदर्शन पर ध्यान रखें—यहाँ से नई प्रतिभाओं और क्वोटा नौकरियों का पता चलता है। सोशल मीडिया पर खिलाड़ी जैसे कि अनुभवी और नए दोनों के अकाउंट से ट्रेनिंग क्लिप और निजी अपडेट मिलते हैं, जो फैन और नवोदित खिलाड़ियों दोनों के लिए मददगार होते हैं।

ट्रेनिंग और बेसिक गाइड — अगर आप खुद सीखना चाहते हैं

शुरुआत में तीन चीजें जरूरी हैं: सही कोच, नियमित रेंज प्रैक्टिस और सुरक्षा नियमों की समझ। सरकारी और निजी शूटिंग रेंज—जैसे दिल्ली के प्रमुख रेंज—में बेसिक कोर्स मिलते हैं। शुरुआत में एयर राइफल और एयर पिस्टल से अभ्यास बेहतर रहता है क्योंकि यह लागत कम और सीखना आसान बनाता है।

उपकरण की ओर ध्यान दें: एक अच्छी स्टेबल शूटरिंग स्टैंड, आरामदायक चश्मा और इयर प्रोटेक्शन जरूरी है। गन और कारतूस की खरीद से पहले कोच से सलाह लें। इंटेंसिव ट्रेनिंग के समय फिजिकल फिटनेस और नज़र की स्थिरता पर भी काम करना होगा।

कौन से इवेंट चुनें? राइफल (10m, 50m) और पिस्टल (10m, 25m) ओलिंपिक वरीय इवेंट हैं। शॉटकन अलग कौशल मांगती है। छोटे प्रतियोगिताओं से शुरुआत करें—स्टेट और नेशनल जूनियर टूर्नामेंट आपकी पहचान बनाने का रास्ता होते हैं।

प्रतियोगिता में जाने से पहले मानसिक तैयारी जरूरी है। शॉट के दौरान श्वास, रूटीन और शॉट-रोकने की तकनीक पर काम करें। कई खिलाड़ी माइंडफुलनेस और विज़ुअलाइज़ेशन का इस्तेमाल करते हैं।

फंडिंग और स्कॉलरशिप: राज्य खेल बोर्ड, खेल प्राधिकरण और कुछ निजी फाउंडेशन मदद करते हैं। अगर आप प्रतिभाशाली हैं, तो सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स या स्पॉन्सरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।

क्या आप छोटे शहर से हैं? घबराइए मत—आज कई रेंज और कोच दूरस्थ प्रशिक्षण और क्लिनिक भी चलाते हैं। एक अच्छा वीडियो-रिव्यू और नियमित फीडबैक से आप जल्दी सुधार देखेंगे।

अगर आप फैन हैं, तो प्रमुख लीग और ओलंपिक क्वालीफायिंग इवेंट पर नजर रखें। नए नामों पर जल्दी नोट कर लें—अक्सर जूनियर से रैपिड प्रोमोशन होता है। यहां पर आने वाली खबरें और रिपोर्ट्स आपको भारतीय निशानेबाज़ी की पूरी तस्वीर देती हैं।

कोई सवाल है या किसी खिलाड़ी की प्रोफ़ाइल चाहिये? नीचे कमेंट में बताइए — मैं मदद कर दूंगा कि अगला कदम क्या हो सकता है।

मनु भाकर शूटिंग विश्व कप से बाहर: प्रशिक्षण से ब्रेक और भविष्य की तैयारियों पर ध्यान

मनु भाकर शूटिंग विश्व कप से बाहर: प्रशिक्षण से ब्रेक और भविष्य की तैयारियों पर ध्यान

भारतीय पिस्टल निशानेबाज़ मनु भाकर, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते थे, आने वाले शूटिंग विश्व कप से बाहर रहने की संभावना है। उन्होंने लंबी प्रशिक्षण अवधि के बाद तीन महीने का ब्रेक लेने का निर्णय लिया है, जिसके कारण उन्हें अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाले विश्व कप से दूर रहना पड़ सकता है। भूमिका में वापसी के बाद, वह 2026 एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

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