वसीम अकरम ने की विराट कोहली की समर्थन, सुनील गावस्कर की आलोचना के बीच

मई, 5 2024

विराट कोहली के समर्थन में उतरे वसीम अकरम

हाल ही में खेल जगत में एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला जब पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की समर्थन में कदम रखा। यह मुद्दा तब बढ़ा जब सुनील गावस्कर ने विराट कोहली की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की जिसमें उन्होंने क्रिकेट विशेषज्ञों और टिप्पणीकारों द्वारा उनके स्ट्राइक-रेट पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया था।

गावस्कर की आलोचना और कोहली का प्रतिक्रिया

सुनील गावस्कर, जो कि स्टार स्पोर्ट्स के लिए विशेषज्ञ हैं, ने ब्रॉडकास्टर पर आरोप लगाया कि उन्होंने कोहली की टिप्पणियों की क्लिप को 'आधा दर्जन बार' प्रसारित किया। विराट कोहली, जो कि वर्तमान में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) के कप्तान हैं, उनकी टीम के असंगत प्रदर्शनों के लिए दबाव में हैं, हालांकि उनके व्यक्तिगत योगदान प्रशंसनीय हैं।

अकरम का कोहली को समर्थन

वसीम अकरम ने कोहली के बचाव में उतरते हुए कहा कि उनके स्ट्राइक-रेट की आलोचना अनावश्यक है और टीम की कमजोर गेंदबाजी एक बड़ी चिंता का विषय है। विराट कोहली ने हाल ही में आईपीएल में ऑरेंज कैप को पुनः प्राप्त किया है, जिसमें उन्होंने 11 मैचों में 542 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 148.09 है।

समर्थन में उठी आवाजें

क्रिकेट जगत में अकरम के इस कदम को काफी सराहा गया है, जिसे खेल की भावना के अनुकूल माना जा रहा है। सीमा पार से इस तरह के समर्थन से न केवल विराट कोहली बल्कि पूरे क्रिकेट समुदाय में एक सकारात्मक संदेश पहुंचता है। यह एक संकेत है कि खेल को व्यक्तिगत द्वेष से ऊपर उठाकर खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए।

13 टिप्पणि

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    LEO MOTTA ESCRITOR

    मई 5, 2024 AT 12:34

    वसीम अकरम का कोहली को समर्थन देखते ही दिल में आशा की किरण जली है। спорт में दुश्मन‑दोस्त की दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान की ढांचा होना चाहिए। उनका यह कदम हमें याद दिलाता है कि खेल दिल से खेला जाता है, दिमाग से नहीं। हमें भी इसी भावना को अपनाना चाहिए, चाहे कोई भी हो।

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    Sonia Singh

    मई 6, 2024 AT 10:48

    सच में, ऐसी सकारात्मक ऊर्जा हमारे क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरित करती है। वसीम जी की बात सही है, स्ट्राइक‑रेट का आंकड़ा कभी‑कभी गलत समझा जाता है। हमें केवल परिणाम नहीं, बल्कि खिलाड़ी की कोशिशों को भी सराहना चाहिए।

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    Ashutosh Bilange

    मई 7, 2024 AT 09:01

    यार!! ये क्या कमाल का ड्रामा है, अकरम भाई ने तो पूरा स्टेज बेज़ार कर दिया! कोहली की बख़्शिश में ये तमाशा देखता हूँ, जैसै सिनेमा का क्विकसिल्वर। लेकिन भाई, तुमने तो ग़ज़ब कर दिया, बाच में फटाफट सबको चुप करवा दिया! मस्तबक, ये सब देख के दिल रंदा है।

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    Kaushal Skngh

    मई 8, 2024 AT 07:14

    अभी भी दोबारा देखना बाकी है।

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    Harshit Gupta

    मई 9, 2024 AT 05:28

    देखो, भारत के खिलाड़ी हमेशा ही अपने जलवे से सबको रौबड़ाते हैं, और फिर लोग किसी पाकिस्तानी को वर्ना चुप करवा दे! अकरम का ये समर्थन बस दिखावा है, असल में हमारी टीम की कमजोरी को छुपाने की कोशिश। मैं कहता हूँ, हमें अपनी शक्ति पर भरोसा रखना चाहिए, ना कि दूसरों की तारीफ़ में फँसना।

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    HarDeep Randhawa

    मई 10, 2024 AT 03:41

    राजनीति, खेल, और फिर भी...अकरम?!!!; क्या बात है, हमें सभी के बीच संतुलन चाहिए,; वैसै भी, स्ट्राइक‑रेट की चर्चा जबरदस्त होती है,; लेकिन हम सबको समझना चाहिए, कि ये सिर्फ आँकड़े नहीं, बल्कि दिल की आवाज़ भी है!!!

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    Nivedita Shukla

    मई 11, 2024 AT 01:54

    वसीम अकरम की विराट कोहली के प्रति आवाज़ कई लोगों के दिल को छू गई है।
    वह कहते हैं कि हमारे क्रिकेट में टीम की गेंदबाजी कमजोर है, लेकिन इसको लेकर आलोचना करना सही नहीं।
    स्ट्राइक‑रेट को लेकर जो विवाद चलता रहा है, वह अक्सर आँकड़ों के सतही पहलू में ही फँस जाता है।
    असल में खिलाड़ी की मानसिक स्थिति, मैदान में उसका आत्मविश्वास, और टीम की सामंजस्यता महत्वपूर्ण होती है।
    अकरम जी ने इस बात को स्पष्ट किया कि खेल सिर्फ जीत‑हार से नहीं, बल्कि खेल भावना से चलता है।
    उन्होंने कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होना चाहिए, चाहे वह भारत हो या पाकिस्तान।
    इस प्रकार का समर्थन न केवल व्यक्तिगत खिलाड़ी को सशक्त बनाता है, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को भी मधुर करता है।
    कई बार देखा गया है कि मीडिया की आवाज़ें अत्यधिक तेज़ हो जाती हैं और वास्तविकता को प्रभावित करती हैं।
    विराट की स्ट्राइक‑रेट 148.09 एक शानदार आंकड़ा है, पर इससे अधिक महत्वपूर्ण उसका कठिन परिस्थितियों में धैर्य है।
    अब जब हम इस मुद्दे को गहराई से देखते हैं, तो पता चलता है कि आरोप‑प्रत्यारोप सिर्फ विवाद पैदा करने के लिए होते हैं।
    अकरम ने यह भी कहा कि खेल का मूल उद्देश्य मनोरंजन और एकजुटता है, न कि राष्ट्रीयता की सीमाओं को आगे बढ़ाना।
    यह संदेश युवा खिलाड़ियों को भी सकारात्मक दिशा में ले जा सकता है, जिससे वे अपने खेल को और बेहतर बना सकें।
    आखिरकार, खेल भावना ही वह शक्ति है जो हमारे दिलों को जोड़ती है, चाहे हम कौन भी हों।
    इसलिए, हमें सभी आलोचनाओं को सहन करते हुए, खेल के इस सुंदर पहलू को आगे बढ़ाना चाहिए।
    इस प्रकार, वसीम का यह कदम सभी को प्रेरित करे कि हम एक‑दूसरे का समर्थन करें और खेल को शुद्ध रखें।

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    Rahul Chavhan

    मई 12, 2024 AT 00:08

    बहुत बढ़िया विश्लेषण! हमें भी इस पॉज़िटिव एटिट्यूड को अपनाना चाहिए, टीम हमेशा साथ है।

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    Joseph Prakash

    मई 12, 2024 AT 22:21

    वसीम की बात बिलकुल सही है 🙌 कोहली को सपोर्ट करना चाहिए 🎉

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    Arun 3D Creators

    मई 13, 2024 AT 20:34

    खेल में दिल और दिमाग दोनों चाहिए लेकिन कभी‑कभी दिल की आवाज़ ही जीत दिलाती है

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    RAVINDRA HARBALA

    मई 14, 2024 AT 18:48

    डेटा दिखाता है कि स्ट्राइक‑रेट में स्थिरता टीम की जीत को 30% तक बढ़ा देती है लेकिन सिर्फ रेट नहीं, फील्डिंग का प्रभाव भी महत्वपूर्ण है।

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    Vipul Kumar

    मई 15, 2024 AT 17:01

    दोस्तों, चाहे समर्थन हो या आलोचना, हमेशा याद रखें कि खिलाड़ी भी इंसान है। उनकी मेहनत को सराहें और सकारात्मक माहौल बनाएं।

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    Priyanka Ambardar

    मई 16, 2024 AT 15:14

    सही कहा 🙏 हमें हर खिलाड़ी का सम्मान करना चाहिए, नहीं तो खेल का असली मतलब खत्म हो जाएगा 😡

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