
सगाई वो मौका है जब दो परिवार मिलने लगते हैं और रिश्ते की शुरुआत दिखती है। पर क्या पता आपने कब से कब तक क्या करना है? यहाँ सीधी, काम वाली चेकलिस्ट और आइडियाज हैं जो हरियाणा और आसपास के शहरों में आसानी से लागू होते हैं।
सबसे पहले तारीख और गेस्ट लिस्ट फाइनल करें। छोटी सगाई में 30-50 मेहमान ही रखें तो माहौल और बजट दोनों नियंत्रित रहते हैं। अगर बड़े रिश्तेदार दूर हैं तो लाइवस्ट्रीम की व्यवस्था कर लें — आजकल यही स्मार्ट तरीका बन गया है।
यह तेज योजना उन लोगों के लिए है जिनके पास ज्यादा समय नहीं।
1) तारीख और समय तय करें — शाम का समय अक्सर बेहतर रहता है।
2) जगह चुनें — घर, छोटे हॉल या आउटडोर गार्डन। हरियाणा में कई साफ-सुथरे गांव वाले बनोनी/क्लब हॉल अच्छे और सस्ते मिल जाते हैं।
3) अहम सप्लायर बुक करें — खान-पान, केक, फोटोग्राफर, फूल/डेकोरेशन। पहले तीन का कॉन्ट्रैक्ट लिखवा लें।
4) रिंग और कपड़ों की तैयारी — पारंपरिक या वेस्टर्न, दोनों के लिए एक-एक विकल्प रखें।
5) निमंत्रण भेजना — डिजिटल कार्ड जल्दी और किफायती विकल्प है; वॉट्सऐप ग्रुप पर अपडेट रखें।
बजट कम है तो एक-दो चीजों पर खर्च बढ़ा सकते हैं: फोटोग्राफर और खाने पर। बाकी बचा हुआ स्मार्टली मैनेज करें।
• मेन्यू साधारण रखें: लोकल व्यंजन ही चुने — दाल-चावल, सब्जी, पराठा या हरा सलाद। इससे स्वाद भी अच्छा रहेगा और खर्च भी कम।
• डेकोरेशन के लिए मौसमी फूल और लोकल क्राफ्ट का इस्तेमाल करें। पेड़ों पर लाइटिंग और रंगीन कपड़े से सस्ता अच्छा दिखता है।
• फोटो और वीडियो: 3-4 घंटे के पैकेज लें। साथ में मोबाइल पर क्लिप बनवा कर सोशल मीडिया के लिए तुरंत शेयर कर सकते हैं।
कुछ रीति-रिवाज हरियाणा में आम हैं — सपना तोड़ना, वर-वधू का आशीर्वाद और परिवारिक गीत। इन पर जोर दें क्योंकि वे मेहमानों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं।
अंत में, सोशल मीडिया पर क्या शेयर करेंगे यह पहले डिसाइड कर लें — कुछ पारिवारिक पलों को प्राइवेट रखना ठीक रहता है। और हाँ, सगाई का असली मज़ा रिश्तों की गर्मजोशी में है, दिखावे में नहीं। अगर चाहें तो हम आपको एक सिंपल बजट-टेम्पलेट दे सकते हैं या स्थानीय वेंडरों की लिस्ट बता सकते हैं—बताइए कैसे मदद चाहिए।