
बारिश, आंधी, बाढ़ या अचानक ठंड—मौसम आपातकाल किसी भी समय आ सकता है। सवाल यह है: क्या आपके घर, परिवार और खेत के लिए तुरंत करने योग्य कदम तैयार हैं? यहाँ सरल और असरदार उपाय हैं जिन्हें आप तुरंत लागू कर सकते हैं।
IMD और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनियाँ सबसे भरोसेमंद होती हैं। मोबाइल पर मौसम अलर्ट चालू रखें और लोकल न्यूज चैनल या हमारी साइट 'हरियाणा समाचार विस्तार' के अपडेट देखें। रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट का मतलब अलग होता है—रेड में तत्काल खतरा होता है, ऑरेंज में तैयारी तेज करें और येलो में सतर्क रहें।
यदि जानकारियाँ तेज़ी से बदल रही हों तो स्थानीय प्रशासन के कॉल सेंटर या पुलिस/फायर ब्रिगेड नंबर रखें। गांवों में पंचायत या ब्लॉक ऑफिस की घोषणाएँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
पहला कदम—शांत रहें और प्राथमिक सुरक्षा अपनाएँ। बिजली कट सकती है, तो मोमबत्ती या टॉर्च रखें लेकिन खुले आग का ध्यान रखें। मोबाइल चार्ज रखें और जरूरी दस्तावेज़ (पहचान, बैंक कार्ड, दवा की सूची) एक वाटरप्रूफ बैग में रखें।
बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि बाढ़ की चेतावनी है, तो ऊँची जगह या निकटतम शेल्टर की ओर जाएँ। कार चलाते समय तेज बारिश या तुफान में बाहर न निकलें—अगर रास्ता बंद हो तो सुरक्षित स्थान पर रुकें।
खेतों में काम कर रहे किसान ट्रैक्टर या मशीनों को सुरक्षित जगह पर रखें; बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें। पशुधन को ऊँचा और सुरक्षित स्थान दें, दाना-पानी एक साथ सुलभ रखें।
घरों में छोटी-छोटी तैयारी—छतों और नालियों की सफाई, कमजोर खिड़कियों पर नेट या लकड़ी, और आवश्यक दवाइयों का स्टॉक—आपातकाल में बड़ी मदद करते हैं।
एक सरल आपातकाल किट बनाएं: टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, प्राथमिक चिकित्सा किट, बोतलबंद पानी (कम से कम 3 लिटर/व्यक्ति), बिना पकने वाले खाने की कुछ सामग्री, जरूरी दवाइयाँ और नकदी। परिवार में एक मीटिंग प्वाइंट तय करें—अगर फोन काम न करे तो किस जगह मिलना है।
स्कूल और कार्यस्थल की इमरजेंसी नीतियाँ जानें। बच्चों के स्कूल से संपर्क रखें और पता करें कि स्कूल में शेल्टर की क्या व्यवस्था है। काम पर जाने वाले लोगों को भी अपने परिवार को फोन पर अपडेट देने की योजना बनानी चाहिए।
क्या मदद चाहिए? हरियाणा में स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की लाइनें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र आपकी प्राथमिक मदद देंगे। जागरूक रहें, अनावश्यक अफवाहों पर भरोसा न करें और आधिकारिक चैनलों से ही जानकारी लें।
छोटी तैयारी बड़ी सुरक्षा देती है। अब ही अपने परिवार के लिए एक सिंपल प्लान बनाइए—ताकि जब मौसम आपातकाल आये तो आप ज्यादा चिंतित न हों, बल्कि सक्रिय और सुरक्षित रहें।