
कंधे में चोट अचानक भी लग सकती है और धीरे-धीरे बन सकती है। क्या उठाने, नींद में करवट या खेल के दौरान अचानक दर्द महसूस हुआ? ऐसे में जल्दी पहचान और सही कदम बहुत मायने रखते हैं। नीचे आसान भाषा में बताया गया है कि किस तरह की चोट होती है, क्या करें और कब डॉक्टर से मिलें।
अक्सर कंधे की परेशानी के पीछे ये कारण होते हैं: रोटेटर कफ की चोट (टियर या सूजन), बर्साइटिस (जोड़ के पास सूजन), टेंडोनाइटिस (टेंडन की सूजन), फ्रैक्चर, डिसलोकेशन या ओवरयूज़/दोहराव से होने वाली माइक्रो-डैमेज।
लक्षण आमतौर पर साफ होते हैं — तेज या स्थायी दर्द, कंधा उठाने में कमी, रात में दर्द से नींद ना आना, कंधे में कमजोर महसूस होना या छूने पर संवेदनशीलता। अगर हाथ पूरी तरह उठ नहीं पाता या अचानक सूजन/न्यूरोलॉजिकल लक्षण (सूनापन, झुनझुनी) दिखे तो इसे गंभीर लें।
पहले 48–72 घंटे के लिए RICE अपनाएँ: Rest (आराम), Ice (ठंडी सिकाई 15–20 मिनट), Compression (हल्का बांध), Elevation (ऊँचा रखना जब संभव हो)। दर्द के लिए डॉक्टरी सलाह पर पेरासिटामोल या NSAID लिया जा सकता है।
ज्यादातर मामूली चोटें 2–6 हफ्तों में फिजियोथेरेपी और सरल व्यायाम से सुधर जाती हैं। आम व्यायाम: पेंडुलम सूइंग, बैंड पुल-अप, बाहर और अंदर रोटेशन छोटे भार के साथ। फिजियोथेरेपिस्ट आपको सही तकनीक और प्रोग्रेस तय करके देगा।
जब सर्जरी की ज़रूरत होती है? अगर रोटेटर कफ टियर पूरा हो, कंधा बार-बार डिस्लोकेट हो रहा हो, या फिजियोथेरेपी से सुधार नहीं दिखे तो ऑर्थोपेडिक सर्जरी पर विचार आता है। इंजेक्शन (स्टेरॉयड) शॉर्ट-टर्म दर्द कम कर सकते हैं पर बार-बार उपयोग से हानियाँ होती हैं।
रिकवरी का समय चोट के प्रकार पर निर्भर करता है: सादा स्ट्रेन/टेंडोनाइटिस में कुछ हफ्ते, रोटेटर कफ टियर के बाद सर्जरी के साथ 3–6 महीने, और फ्रैक्चर में गिप/प्लेट-स्क्रू के बाद 8–12 सप्ताह या अधिक लग सकते हैं।
रोकथाम भी आसान है: वार्म-अप करें, भारी वस्तु उठाते समय सही तकनीक अपनाएँ, लंबे समय एक ही पोजीशन में न बैठें, कंधे की मांसपेशियों की स्ट्रेंथ बनाए रखें और समय-समय पर स्ट्रेच करें।
कब तुरंत डॉक्टर दिखाएँ? तेज दर्द के साथ किसी भी तरह की विकृति दिखे, हाथ उठाना ना हो, अचानक सुन्नपन या गतिशीलता पूरी तरह कम हो जाए, या चोट के बाद तेज सूजन/रक्तस्राव हो—ऐसी स्थिति में इमरजेंसी सहायता लें।
अगर चाहें तो मैं आसान घरेलू व्यायाम और पहली हफ्ते के लिए रोज़ाना रूटीन बता सकता हूँ। या आप अपने लक्षण बताएँ, मैं सुझाव दूँगा कि क्या घरेलू उपाय ठीक हैं या डॉक्टर से मिलना चाहिए।