भीषण चक्रवात: तुरंत जानें क्या करना है

भीषण चक्रवात कुछ घंटों में तेज़ बदल सकता है और जीवन-सम्पत्ति पर भारी असर डालता है। क्या आप और आपका परिवार तैयार हैं? नीचे सीधे और आसान भाषा में वो कदम दिए गए हैं जो हर किसी को पता होने चाहिए—ताकि घबराहट कम हो और बचाव तेज़ हो सके।

चक्रवात की पहचान और चेतावनी कैसे मिलें

IMD (भारतीय मौसम विभाग) और लोकल आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनियाँ सबसे विश्वसनीय होती हैं। रेड/ऑरेंज/येलो अलर्ट का मतलब अलग-अलग खतरे हैं — रेड सबसे गंभीर। मोबाइल पर सरकारी अलर्ट, FM रेडियो, और स्थानीय पुलिस/प्रशासन के संदेश नियमित देखें। अपनी परीक्षा के लिए हमेशा एक बैटरी चालित रेडियो रखें।

फौरन करने लायक जरूरी तैयारियाँ

1) आपातकिट तैयार करें: कम से कम 3 दिनों का पानी (प्रति व्यक्ति 3-4 लीटर/दिन), एनर्जी बार, दवाइयाँ, प्राथमिक चिकित्सा किट, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियाँ और जरूरी दस्तावेज (पहचान-पत्र व पॉलिसी की कॉपियाँ)।

2) मोबाइल और पॉवर बैंक चार्ज रखें; महत्वपूर्ण फोन नंबर नोट कर लें।

3) घर की कमजोरी दूर करें: खिड़कियों पर शटर या बोर्ड लगाएं, ढीली छत की टारपीड चेक करें, बाहर रखे भारी सामान जैसे कैन, कुर्सियाँ अंदर रखें।

4) वाहन संभव हो तो ऊँचे स्थान पर खड़ा करें। निचले इलाके या फ्लड प्रोन इलाकों से हटें।

5) जानवर और फसलों की सुरक्षा: छोटे किसानों को पशुओं को ऊपरी जगह ले जाना चाहिए और महत्वपूर्ण फसल डेटा/बुवाई नोट्स सुरक्षित रखें। मछुआरे समुद्र से दूर रहें जब अलर्ट हो।

6) निकासी योजना बनाएं: घर में सभी सदस्य किस रूट से निकलेंगे, और नजदीकी शेल्टर कहाँ है—यह पहले से तय रखें।

दौरान और बाद में क्या करें

दौरान: अंदर रहें, खिड़कियों से दूर और मध्य कमरे या बाथरूम जैसा सुरक्षित स्थान चुनें। बिजली कटने पर जनरेटर का सुरक्षित उपयोग सीखें—खुले स्थान में रखें और कार्बन मोनोऑक्साइड से सावधान रहें। बाढ़ के पानी में न चलें; जलधारा तेज होती है और गली के अंडरपास खतरनाक हो सकते हैं।

बाद में: नुकसान की तस्वीरें लें और बीमा कंपनी को बताएं। टूटी तारों या गैस लीकेज की सूचनाएं तुरंत स्थानीय विभाग को दें। पीने के पानी की शुद्धता पर ध्यान दें—बॉयल करें या पानी की गोलियाँ इस्तेमाल करें। घाव हों तो सेंसर किट से साफ करें; गंभीर स्थिति में अस्पताल जाएँ।

एक आखिरी बात: अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक स्रोतों से मिले निर्देश मानें और जरूरत होने पर तत्काल निकास और राहत शिविर की जानकारी लें। तेज़ निर्णय और ठंडे दिमाग से काम करने पर आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सकता है।

अगर आप हरियाणा या नजदीकी प्रदेश में हैं तो स्थानीय जिला आपदा प्रबंधन और नगरपालिका के अपडेट नियमित देखें। सुरक्षित रहें, तैयार रहें और दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें।

बंगाल और बांग्लादेश तटों पर भीषण चक्रवात रेमल का हमला: आईएमडी की चेतावनी

बंगाल और बांग्लादेश तटों पर भीषण चक्रवात रेमल का हमला: आईएमडी की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वानुमान जताया है कि बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवात रेमल 26 मई की मध्यरात्रि को बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों से टकराएगा। मछुआरों को तटीय क्षेत्रों में लौटने और दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 24 मई तक, मध्य बंगाल की खाड़ी में 26 मई तक और उत्तर बंगाल की खाड़ी में 25 से 27 मई तक ना जाने की सलाह दी गई है।

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