
क्या आप जानते हैं कि भारतीय वायु सेना देश की सबसे बड़ी हवाई ताकतों में से एक है? यह सिर्फ लड़ाकू विमानों का संग्रह नहीं बल्कि हमारे देश की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचे की तरह काम करती है। जब बात आती है सीमाओं की रक्षा की, तब भारतीय वायु सेना का रोल बेहद अहम हो जाता है।
भारतीय वायु सेना की शुरुआत 1932 में हुई थी। आज यह लाखों वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की निगरानी करती है और युद्ध के समय भी तेज़ी से कार्रवाई करने में सक्षम है। इनके पास लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर का बेहतरीन फ्लोट होता है। साथ ही उनके पास आधुनिक ब्रह्मांडीय मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और हिटप्रूफ उपकरण होते हैं।
समय के साथ भारतीय वायु सेना ने तकनीक में लगातार सुधार किया है। विदेशी तकनीक से लेकर देश की अपनी इंडस्ट्रियल इकाइयों तक, वायु सेना ने कई नई तकनीकों को अपनाया है। इससे उनकी युद्ध तैयारी और बचाव क्षमता में वृद्धि हुई है। खासकर सुखोई, राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उनके बेड़े का हिस्सा हैं।
इसके अलावा, वायु सेना ने न केवल हवाई युद्ध के लिए बल बढ़ाया है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में भी तेजी से मदद पहुंचाने का काम किया है। वह नागरिकों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी सक्रिय रहती है।
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