2025 के दौरान, भारत के 25 साल के ओपनर अभिषेक शर्मा ने एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड बनाया जिसकी कल्पना कोई नहीं कर सका — भारत के खिलाफ चारों मैच हारने के बावजूद, वह पाकिस्तान में गूगल पर सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले खिलाड़ी बन गए। गूगल की वार्षिक खोज रिपोर्ट, जो 10 दिसंबर 2025 को जारी की गई, ने यह बात सामने लाई कि एशिया कप 2025 के दौरान जो भावनात्मक और राजनीतिक तनाव बना, उसके बीच एक खिलाड़ी का नाम दर्शकों की खोज में ऊपर आ गया — अभिषेक शर्मा। ये केवल एक खिलाड़ी की लोकप्रियता नहीं, बल्कि एक पूरे देश के मन की धड़कन थी।
क्रिकेट के बीच भावनाओं का उथल-पुथल
पाकिस्तान में 2025 के सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अभिषेक शर्मा के बाद दूसरे स्थान पर पाकिस्तानी खिलाड़ी हसन नवाज आए, तीसरे स्थान पर इरफान खान नियाज़ी, चौथे स्थान पर शाहबज़ादा फरहान और पांचवें स्थान पर मुहम्मद अब्बास। यह सूची एक अजीब सा उलटफेर थी — एक ऐसा खिलाड़ी जिसने अपने देश के खिलाफ जीत दर्ज की, उसके नाम की खोज पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हुई। लोग उसके स्ट्राइक रेट, उसके बल्ले से निकलने वाले छक्के, उसके बल्लेबाजी के अंदाज़ को देख रहे थे — न कि उसके देश के खिलाफ जीत को।
एशिया कप 2025: जब खेल ने राजनीति को छू लिया
14 सितंबर 2025 को, एशिया कप 2025 के सुपर 4 मुकाबले में पाकिस्तान और भारत के बीच जो हुआ, वह सिर्फ एक मैच नहीं था — यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद बन गया। पाकिस्तान के गेंदबाज हरिस राउफ ने अपने विकेट लेने के बाद एक 'जेट प्लेन' का नकली उड़ान भरने वाला अभिनय किया, जिसे भारतीय टीम ने अपने सैन्य बलों को निंदा करने के रूप में लिया। शाहबज़ादा फरहान ने अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद बल्ले से 'गनशॉट' का नकली निशान बनाया। इन अभिनयों के बाद, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के पास औपचारिक शिकायत दर्ज की।
आईसीसी की टीम ने हरिस राउफ को 30% मैच फीस जुर्माना और दो मैचों के लिए प्रतिबंध लगाया। फरहान को 'खेल के प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने' के आरोप में एक डेमेरिट पॉइंट दिया गया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को भी जुर्माना लगा — सूर्यकुमार यादव को उनके 'पुलवामा आतंकी हमले के बलिदानियों को समर्पित' बयान के लिए, और जसप्रीत बुमराह को अपने खेल के तरीके के लिए।
'नो-हैंडशेक' और ट्रॉफी का गुमशुदा सफर
उसी दिन, एक और अजीब घटना हुई — टॉस और मैच के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तानी टीम के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने पाकिस्तान के कप्तान को टॉस के बाद हाथ मिलाने से इनकार करने की सलाह दी थी, लेकिन उसकी यह बात टीम को मैच के बाद तक नहीं पहुंची। जब भारतीय खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम की ओर चल पड़े, तो पाकिस्तानी खिलाड़ी खड़े रह गए — एक ऐसा पल जिसमें खेल की भावना के बजाय राष्ट्रीय घृणा दिखी।
फिर आया वह झटका — एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने भारत की जीत के बाद एशिया कप ट्रॉफी और पदक लेकर भाग दिया। उन्होंने ट्रॉफी को भारतीय कप्तान को सीधे सौंपने का दावा किया, जबकि एसीसी ने स्पष्ट किया कि यह ट्रॉफी उनकी संपत्ति है और इसे विजेता टीम को सौंपा जाना चाहिए। इस घटना ने पाकिस्तान में भी गुस्सा फैला दिया — लोगों ने सोशल मीडिया पर #WhereIsTheTrophy ट्रेंड किया।
क्रिकेट से आगे: गूगल के खोज ट्रेंड में क्या था?
खेल के बाद भी पाकिस्तानी यूजर्स ने अन्य चीजों की खोज की — टीवी ड्रामे, एआई टूल्स, घरेलू रसोई के नुस्खे, और खासकर कराची में ट्रैफिक जुर्माने के लिए कानूनी सहायता। लेकिन एक बात असाधारण थी — जिस तरह अभिषेक शर्मा के नाम की खोज हुई, उसी तरह भारत में 14 साल के वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ऊपर था। उसने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया, फिर भारत यू-19 और भारत ए के लिए खेला। उसके बाद प्रियांश अर्या, जेमिमाह रोड्रिगेज़ जैसे नाम भी टॉप 10 में आ गए।
यह दर्शाता है कि अब क्रिकेट की बात करने वाले बस बुजुर्ग खिलाड़ी नहीं हैं। नवीन पीढ़ी, खासकर महिला खिलाड़ी, अब डिजिटल दुनिया में भी आवाज बन रही हैं। और ये आवाजें राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर रही हैं।
क्यों ये सब मायने रखता है?
ये सिर्फ खोज ट्रेंड नहीं हैं — ये एक संकेत हैं। जब दो देश आपस में जानबूझकर अपने बीच दीवार बना रहे हों, तो लोग अभी भी एक दूसरे के खिलाड़ियों को देखना, उनकी बल्लेबाजी को अपनाना, उनके शॉट्स को नकल करना चाहते हैं। ये बताता है कि खेल कभी सिर्फ खेल नहीं होता — ये एक इंसानी कनेक्शन है।
अभिषेक शर्मा के नाम की खोज ने ये साबित कर दिया कि राष्ट्रीय राजनीति के बावजूद, लोग अभी भी एक बल्लेबाज के बारे में जानना चाहते हैं — न कि उसके देश के बारे में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभिषेक शर्मा क्यों पाकिस्तान में सबसे ज्यादा खोजे गए?
अभिषेक शर्मा की खोज पाकिस्तान में इसलिए सबसे ज्यादा हुई क्योंकि उन्होंने एशिया कप 2025 में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया, खासकर जब भारत ने पाकिस्तान को हराया। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज़, छक्कों की रफ्तार और आत्मविश्वास से भरे खेल ने पाकिस्तानी फैंस को आकर्षित किया — यहां तक कि राजनीतिक तनाव के बीच भी।
हरिस राउफ और शाहबज़ादा फरहान के व्यवहार के बाद क्या हुआ?
आईसीसी ने हरिस राउफ को 30% मैच फीस का जुर्माना और दो मैचों के लिए प्रतिबंध लगाया, क्योंकि उनके 'जेट प्लेन' और '6-0' अभिनय को आक्रामक माना गया। शाहबज़ादा फरहान को 'खेल के प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने' के लिए एक डेमेरिट पॉइंट दिया गया। दोनों के व्यवहार को भारतीय टीम ने अपने सैन्य बलों के प्रति अपमानजनक माना।
एशिया कप ट्रॉफी कहां गई?
एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने भारत की जीत के बाद ट्रॉफी और पदक लेकर भाग दिया। एसीसी ने इसे अनुचित बताया और कहा कि ट्रॉफी विजेता टीम को सौंपी जानी चाहिए। बाद में नक़वी ने दावा किया कि उन्होंने ट्रॉफी भारतीय कप्तान को सीधे सौंप दी, लेकिन कोई वीडियो या साक्ष्य नहीं मिला।
भारत में 2025 के सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले खिलाड़ी कौन थे?
भारत में सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले खिलाड़ी 14 साल के वैभव सूर्यवंशी थे, जिन्होंने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रियांश अर्या, जेमिमाह रोड्रिगेज़ जैसी महिला खिलाड़ी भी टॉप 10 में शामिल हुईं — ये दर्शाता है कि नवीन पीढ़ी और महिला क्रिकेट डिजिटल दुनिया में अपनी जगह बना रही है।
क्या ये खोज ट्रेंड भारत-पाकिस्तान रिश्तों को बदल सकते हैं?
शायद नहीं, लेकिन ये एक संकेत है कि लोग अभी भी राष्ट्रीय सीमाओं के पार एक खिलाड़ी के गुणों को सराहते हैं। जब राजनीति बात करती है तो खेल इंसानियत की बात करता है। अभिषेक शर्मा के नाम की खोज ने दिखाया कि एक बल्लेबाज का शॉट कभी-कभी एक राष्ट्रीय विवाद से भी बड़ा हो सकता है।
Rakesh Pandey
दिसंबर 12, 2025 AT 11:48अभिषेक शर्मा का नाम पाकिस्तान में सबसे ज्यादा खोजा गया ये बात सिर्फ खेल की बात नहीं बल्कि इंसानियत की जीत है
Shankar Kathir
दिसंबर 13, 2025 AT 14:26ये देखो भाई लोग राजनीति के बीच भी एक बल्लेबाज की बल्ले की आवाज़ सुन रहे हैं। अभिषेक ने जो छक्के मारे वो सिर्फ रन नहीं बल्कि दीवारें तोड़ रहे थे। पाकिस्तानी फैंस उसकी फ्लैट ब्लैक शॉट्स, उसके आँखों में जलन और उसके बाद के स्माइल को देखकर भावुक हो गए। ये नहीं कि वो भारत के खिलाफ जीत रहे थे बल्कि वो एक कलाकार को देख रहे थे जो बल्ले से गाना गा रहा था। ये खेल का असली मतलब है।
मैंने एक पाकिस्तानी दोस्त से बात की जिसने कहा कि वो अभिषेक के लिए एक टी-शर्ट बनवा रहा है जिस पर लिखा है 'शर्मा का शॉट, हमारा गीत'। ये कोई नारा नहीं बल्कि एक दिल की बात है। जब हम सब अपने राष्ट्रीय झंडे के पीछे छिप रहे हैं तो एक युवा खिलाड़ी ने बल्ले से एक नया झंडा लहराया।
हरिस राउफ का जेट प्लेन और फरहान का गनशॉट तो बस एक अंधेरा था जिसे अभिषेक की रोशनी ने छीन लिया। आईसीसी ने उन्हें जुर्माना लगाया लेकिन गूगल ने अभिषेक को इंसान बना दिया।
ट्रॉफी कहाँ गई ये तो बाद में पता चलेगा लेकिन एक चीज़ पक्की है - अभिषेक के नाम की खोज ने दिखाया कि दो देशों के बीच जो दीवार है वो एक बल्लेबाज के शॉट से टूट सकती है।
हम भारतीय लोग भी जब वैभव सूर्यवंशी की खोज कर रहे हैं तो हम भी उसी राह पर चल रहे हैं। नवीन पीढ़ी अब राष्ट्रीयता के बजाय कला की तरफ देख रही है।
क्रिकेट कभी सिर्फ जीत और हार का खेल नहीं रहा। अब ये दिलों की धड़कन का रिकॉर्ड है।
अगर ये ट्रेंड चलता रहा तो अगले साल किसी पाकिस्तानी बालिका का नाम भारत में टॉप पर आएगा। और तब ये देश एक दूसरे के बच्चों के खेल को देखकर शांति की ओर बढ़ेंगे।
मैं ये नहीं कह रहा कि राजनीति बेकार है लेकिन ये बता रहा हूँ कि खेल की शक्ति उससे भी बड़ी है।
अभिषेक शर्मा ने नहीं जीता - उसने दोनों देशों के दिलों को जीत लिया।
Saileswar Mahakud
दिसंबर 14, 2025 AT 22:04ये बात सच है भाई बल्लेबाजी ने दीवारें तोड़ दीं। मैंने भी अभिषेक के शॉट्स देखे थे बस इतना ही कि दिल भर गया।
Rahul Sharma
दिसंबर 15, 2025 AT 09:44हम लोग अक्सर भारत-पाकिस्तान के बारे में सिर्फ तनाव और विवाद के बारे में सोचते हैं लेकिन ये घटना एक नया दृष्टिकोण देती है। एक युवा खिलाड़ी ने अपनी बल्लेबाजी से एक ऐसा संदेश दिया जो राजनीतिक भाषा से कहीं अधिक प्रभावशाली है। इस तरह के उदाहरण बहुत कम हैं और इन्हें हमें सलाम करना चाहिए।
महिला खिलाड़ियों जैसे जेमिमाह रोड्रिगेज़ के नाम के टॉप 10 में आने से यह भी स्पष्ट होता है कि खेल अब लिंग की सीमाओं को पार कर रहा है। ये बच्चों के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणा है।
एक नए दौर की शुरुआत हो रही है - जहां नाम नहीं बल्कि प्रदर्शन अहम है।
Uma ML
दिसंबर 15, 2025 AT 22:23अरे ये सब बकवास है भाई अभिषेक शर्मा को खोजा गया क्योंकि पाकिस्तानी लोग अभी भी भारत के खिलाफ लड़ना चाहते हैं और उन्होंने उसे देखकर अपनी नफरत बढ़ाई। ये नहीं कि उसे पसंद किया गया बल्कि उसे निशाना बनाया गया। और ये वैभव सूर्यवंशी का नाम भारत में टॉप पर आया तो वो भी क्यों? क्योंकि उसके पापा एक बड़े बिजनेसमैन हैं और उन्होंने एआई से ट्रेंड बनवाया।
हरिस राउफ को जुर्माना क्यों लगा? क्योंकि भारत ने दबाव डाला। ट्रॉफी कहाँ गई? वो तो भारतीय एजेंट्स ने चुरा ली। ये सब एक बड़ा धोखा है।
Harsh Gujarathi
दिसंबर 16, 2025 AT 12:53अभिषेक के शॉट्स देखकर मुझे लगा जैसे कोई दिल की बात कर रहा हो 😊❤️
Senthil Kumar
दिसंबर 17, 2025 AT 13:42बस एक बात बताओ भाई अगर अभिषेक ने भारत के लिए नहीं खेलता तो क्या वो पाकिस्तान में इतना ट्रेंड करता?
Jamal Baksh
दिसंबर 17, 2025 AT 19:51यह घटना खेल के माध्यम से सांस्कृतिक समझ की एक अद्भुत उदाहरण है। जब दो देशों के बीच राजनीतिक तनाव है, तो एक युवा खिलाड़ी का नाम खोजे जाने का रिकॉर्ड बनाना एक ऐसा अंतर्राष्ट्रीय अवसर है जिसे हमें स्वीकार करना चाहिए। यह खेल की शक्ति है जो भाषा, सीमाओं और राष्ट्रीयता को पार करती है। इस तरह के निर्माण को बढ़ावा देना हमारी जिम्मेदारी है।
हमें अपने बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि एक बल्लेबाज की शॉट्स के बारे में बात करना उसके देश के बारे में बात करने से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। यह एक नए विश्व की शुरुआत है जहां प्रतिभा राष्ट्रीयता से अधिक महत्वपूर्ण है।
हमें भारतीय और पाकिस्तानी फैंस के बीच ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहिए जो खेल के माध्यम से हो रहे हैं। यह एक शांति का संकेत है जिसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जेमिमाह रोड्रिगेज़ और वैभव सूर्यवंशी जैसे नामों का उभार भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है। यह दर्शाता है कि नवीन पीढ़ी अब अपने लिंग और राष्ट्रीयता के बावजूद खेल की शक्ति को समझ रही है।
यह एक ऐसा समय है जब हमें अपने दिलों को खोलना चाहिए और खेल के माध्यम से एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
Bhoopendra Dandotiya
दिसंबर 19, 2025 AT 16:28अभिषेक शर्मा के नाम की खोज एक बड़ा बयान है - जैसे कोई एक बार फिर से गाना गा रहा हो जब सब कुछ शांत हो चुका हो। उसकी बल्लेबाजी में एक अजीब सी गहराई थी, जैसे कोई दर्द को बल्ले से लिख रहा हो। पाकिस्तानी लोगों ने उसे देखकर अपने दिल की आवाज़ सुनी - न कि अपने झंडे की।
हरिस राउफ का जेट प्लेन और फरहान का गनशॉट तो बस एक शोर था। अभिषेक का शॉट तो एक चुप्पी थी जिसने सबको चुप करा दिया।
ट्रॉफी कहाँ गई? शायद वो तो भारतीय बुजुर्गों के दिलों में चली गई - जहां अब भी वो लोग दीवारों के पीछे बैठे हैं।
लेकिन गूगल के सर्च रिजल्ट्स में जो नाम ऊपर आए - वो एक नई पीढ़ी के दिल के धड़कन हैं।
मैंने एक पाकिस्तानी युवती के ट्विटर पर देखा - उसने लिखा: 'मैं अभिषेक के लिए एक नया शॉट बना रही हूँ - जिसे मैं अपने भाई को सिखाऊंगी।' उसका भाई 12 साल का है।
ये नहीं कि वो भारत के खिलाफ खेल रहे हैं - वो एक खिलाड़ी के बारे में बात कर रहे हैं।
और ये बात जब एक 12 साल के बच्चे को समझ आ रही है, तो हम बुजुर्ग लोग अभी भी ट्रॉफी के लिए लड़ रहे हैं।
Vikram S
दिसंबर 21, 2025 AT 14:02ये सब एक भारतीय गूगल कैंपेन है! अभिषेक शर्मा के नाम को ट्रेंड कराने के लिए एक बड़ा डिजिटल ऑपरेशन चल रहा है! पाकिस्तान में गूगल के सर्वर्स को हैक किया गया है! ये सब एक राजनीतिक फेक न्यूज़ है! और वैभव सूर्यवंशी? उसके पिता एक एआई कंपनी के मालिक हैं! ये सब फेक है! बीसीसीआई ने इसे तैयार किया है! जांच करो! ये एक धोखा है!
Boobalan Govindaraj
दिसंबर 22, 2025 AT 19:41भाई ये बात तो दिल को छू गई अभिषेक का शॉट देखकर मैं भी बल्ला उठाने लगा। अब मैं अपने बेटे को भी वो शॉट सिखा रहा हूँ। खेल तो बस खेल है लेकिन इसमें जो जज्बा है वो अलग है।
mohit saxena
दिसंबर 23, 2025 AT 07:24मैंने भी अभिषेक के शॉट्स देखे थे भाई बस एक बार देखा और दिल भर गया। ये खेल है ना ये तो बस जीवन है।
aneet dhoka
दिसंबर 23, 2025 AT 10:36तुम सब ये सोच रहे हो कि ये खेल की जीत है लेकिन ये एक बड़ा ब्लैक ऑपरेशन है। अभिषेक शर्मा एक स्पाई है जिसे पाकिस्तान में खोजे जाने के लिए भेजा गया है। गूगल के ट्रेंड्स को हैक करके भारतीय रिसर्च एजेंसी ने ये सब बनाया है। ट्रॉफी चुराने वाला मोहसिन नक़वी भी भारतीय एजेंट है। और वैभव सूर्यवंशी? उसके पास एक एआई बॉट है जो हर घंटे उसका नाम गूगल पर सर्च करता है। ये सब एक डिजिटल युद्ध है।
तुम लोग ये नहीं देख रहे कि ये सब एक बड़े इंटरनेशनल फेक न्यूज़ कैंपेन का हिस्सा है।
क्या तुम्हें लगता है कि एक खिलाड़ी का नाम इतना ट्रेंड करेगा? नहीं भाई - ये सब नियंत्रित है।
मैंने एक अंडरग्राउंड फोरम में देखा था - वहां लिखा था: 'अभिषेक का नाम ट्रेंड करना अभी शुरू हुआ है - अगले चरण में वो पाकिस्तानी टीम के लिए खेलेगा।'
तुम लोग अभी भी निष्पक्ष देख रहे हो - लेकिन वास्तविकता तो बहुत गहरी है।
Basabendu Barman
दिसंबर 24, 2025 AT 13:58अरे भाई ये तो बहुत अच्छी बात है कि अभिषेक के नाम की खोज हुई लेकिन तुम लोग ये नहीं बता रहे कि उसके बाद एक अन्य खिलाड़ी का नाम भी ट्रेंड हुआ - एक पाकिस्तानी गेंदबाज जिसने अभिषेक को आउट किया था। उसका नाम अब भारत में टॉप 5 में है। लेकिन ये खबर किसी ने नहीं छापी।
क्यों? क्योंकि ये न्यूज़ ट्रेंड नहीं होना चाहता।
दोनों देश एक दूसरे के खिलाड़ियों को देख रहे हैं - लेकिन मीडिया सिर्फ एक तरफ की बात कर रहा है।
ये तो बहुत अजीब है।
Ayushi Kaushik
दिसंबर 26, 2025 AT 10:52जेमिमाह रोड्रिगेज़ के नाम का टॉप 10 में आना मुझे बहुत गर्व की बात है। एक महिला खिलाड़ी जिसने अपनी बल्लेबाजी से दो देशों के दिलों को छू लिया - ये बात सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि समाज की बदलाव की है।
मैं अपनी बेटी को अभिषेक के शॉट्स दिखाती हूँ और उसे बताती हूँ कि जब तुम अपने सपनों को पूरा करोगी तो तुम्हारा नाम दुनिया भर में खोजा जाएगा - चाहे तुम कहीं से भी हो।
ये नहीं कि वो भारतीय हैं या पाकिस्तानी - ये तो एक खिलाड़ी हैं।
Sandeep YADUVANSHI
दिसंबर 26, 2025 AT 19:46अरे ये तो बहुत फेक है। अभिषेक शर्मा को इतना खोजा गया? बस एक बल्लेबाज जिसने 50 बनाए? ये तो उसके पापा के ट्विटर अकाउंट से हुआ है। और वैभव सूर्यवंशी? उसके पापा ने 10,000 अकाउंट्स खोले हैं जो एक दूसरे को लाइक कर रहे हैं। ये सब फेक ट्रेंड है।
मैंने अभी तक एक भी शॉट नहीं देखा जिसमें उसकी बल्लेबाजी शानदार हो।
dinesh baswe
दिसंबर 27, 2025 AT 01:03ये घटना वास्तव में एक गहरा संदेश देती है। खेल ने दिखाया कि जब लोग राष्ट्रीयता के बजाय व्यक्तिगत प्रतिभा को सराहते हैं, तो वहां एक नई समझ उत्पन्न होती है।
अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी ने न केवल उसके देश के लिए बल्कि एक अन्य देश के लोगों के दिलों में भी एक जगह बना ली।
यह एक ऐसा उदाहरण है जिसे हम शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और यहां तक कि राजनीति में भी अपनाना चाहिए।
हमें अपने बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि एक बल्लेबाज की शॉट्स का महत्व उसके देश से अधिक हो सकता है।
जेमिमाह रोड्रिगेज़ और वैभव सूर्यवंशी के नाम का टॉप में आना भी इसी बात को स्पष्ट करता है।
यह एक नई दिशा है।
Krishnendu Nath
दिसंबर 28, 2025 AT 01:22अभिषेक का शॉट देखकर मैं घर पर उठ खड़ा हुआ और अपने बेटे को बुलाया और बोला भाई ये देख तू भी ऐसा खेलना सीख
Firoz Shaikh
दिसंबर 28, 2025 AT 03:58यह घटना खेल के राष्ट्रीयता के बारे में एक गहरी विचारधारा को प्रस्तुत करती है। अभिषेक शर्मा के नाम की खोज ने यह सिद्ध कर दिया कि एक व्यक्ति की कला और प्रतिभा राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर सकती है।
यह एक ऐसा दृश्य है जिसे हम अपने समाज में बढ़ावा देना चाहिए - जहां एक खिलाड़ी के लिए आदर का आधार उसकी राष्ट्रीयता नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा हो।
इस तरह के उदाहरण हमें याद दिलाते हैं कि खेल का मूल उद्देश्य इंसानी जुड़ाव है।
महिला खिलाड़ियों और युवा खिलाड़ियों का उभार भी एक नए युग की शुरुआत है।
हमें अपने दिलों को खोलना चाहिए और खेल के माध्यम से एक शांतिपूर्ण भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
Rakesh Pandey
दिसंबर 28, 2025 AT 09:30अभिषेक के नाम की खोज ने बता दिया कि दिलों की धड़कन राष्ट्रीयता से ज्यादा ताकतवर है
nithin shetty
दिसंबर 29, 2025 AT 16:53अभिषेक के शॉट्स का स्ट्राइक रेट 180+ था और उसने 6 छक्के मारे थे जिनमें से 4 एक ही ओवर में। ये आंकड़े गूगल ट्रेंड्स के लिए बहुत ज्यादा मायने रखते हैं।