जब Tata Consultancy Services ने 9 अक्टूबर 2025 को FY26 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणामुंबई की, तो बाजार में हलचल मच गई। कंपनी ने राजस्व में 2.4 % की साल‑दर‑साल बढ़ोतरी के साथ ₹65,799 करोड़ और PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) में ₹12,075 करोड़ दर्ज किया, साथ ही शेयरधारकों को ₹11 प्रति शेयर का दूसरा interim dividend दिया।
आँकड़े और वित्तीय विवरण
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर TCS का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। राजस्व में QoQ (एक तिमाही से दूसरी) 3.7 % की वृद्धि, जबकि EBIT मार्जिन 25.2 % तक पहुंच गया – जो बाजार के अनुमान 24.7 % से ऊपर था। लेकिन PAT में क्रमागत 5.3 % गिरावट भी देखी गई, जो Q1 FY26 के ₹12,760 करोड़ से कम है।
- राजस्व: ₹65,799 करोड़ (YoY +2.4 %)
- PAT: ₹12,075 करोड़ (YoY +1.4 %)
- EBIT मार्जिन: 25.2 % (QoQ +70 बिंदु)
- रीस्ट्रक्चरिंग खर्च: ₹1,135 करोड़
- इंटरनैशनल राजस्व: 0.6 % QoQ बढ़ा (स्थिर मुद्रा में)
प्रमुख नेतृत्व की टिप्पणियाँ
K Krithivasan, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक, ने कहा, “हमारी Q2 प्रदर्शन से मुझे बहुत खुशी है। AI‑लीडेड सेवाओं की दिशा में हमारा परिवर्तन अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह स्पष्ट है कि हमारे निवेश इस दिशा में सही दिशा दे रहे हैं।”
कार्यकारी निदेशक‑प्रेसिडेंट और सीओओ Aarthi Subramanian ने जोड़ा, “डेटा, क्लाउड और AI‑पावरड एंटरप्राइज़ ट्रांसफ़ॉर्मेशन ने इस तिमाही में गति पकड़ ली है। हमारा नया AI Hackathon उद्योग‑पहला रहा है, और इससे हमारे AI‑सम्बंधित सॉल्यूशन का परिदृश्य बदल रहा है।”
रणनीति और अधिग्रहण
कंपनी ने अमेरिकी डिजिटल मार्केटिंग फर्म ListEngage MidCo का अधिग्रहण घोषित किया, जिसके लिए अधिकतम $72.8 मिलियन का मूल्य तय किया गया। यह कदम TCS को Salesforce‑आधारित मार्केटिंग क्लाउड और AI सलाहकार सेवाओं में गहराई से प्रवेश दिलाएगा। अधिग्रहण का लक्ष्य “डेटा‑ड्रिवेन कस्टमर एंगेजमेंट” को तेज़ करना है।
विश्लेषकों की प्रतिक्रिया और भविष्य की दृष्टि
बाजार में कई विश्लेषकों ने टॉप‑लाइन को बेहतर बताया, परन्तु नीचे की ओर जाने वाले PAT को “एक अल्पकालिक विसंगति” कहा। CNBC‑TV18 के सरलीकृत अनुमान के अनुसार, TCS को ₹12,528.3 करोड़ की कमाई की उम्मीद थी, लेकिन वास्तविक आंकड़ा इससे कम रहा। रीस्ट्रक्चरिंग खर्च का मुख्य कारण लगभग 1,200 कर्मचारियों की छंटनी माना जा रहा है, जो “स्किल‑अप” की असफलता को दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह है कि TCS ने इस तिमाही में अपनी attrition rate और कुल headcount नहीं बताया – जो पिछले क्वार्टरों में सामान्य था। NDTV Profit ने इसे “असामान्य” कहा, क्योंकि निवेशकों को अक्सर इस डेटा से कंपनी की सेंट्रलाइज्ड टैलेंट स्ट्रेटेजी समझ में आती है।
भविष्य की ओर देखते हुए, TCS का लक्ष्य “दुनिया की सबसे बड़ी AI‑लीडेड टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी” बनना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर, इको‑सिस्टम पार्टनरशिप और ग्राहक‑सेंट्रिक वैल्यू पर भारी निवेश की घोषणा की है।
कुंजी बिंदु (Key Facts)
- FY26 Q2 में राजस्व ₹65,799 करोड़, PAT ₹12,075 करोड़।
- इंटरिम डिविडेंड ₹11 प्रति शेयर, रिकॉर्ड डेट 15 अक्टूबर 2025।
- अमेरिकी कंपनी ListEngage MidCo का अधिग्रहण – कीमत $72.8 मिलियन।
- EBIT मार्जिन 25.2 %, रीस्ट्रक्चरिंग खर्च ₹1,135 करोड़।
- AI‑पहला माइंडसेट, BFSI और TSS सेक्टर में क्रमिक वृद्धि।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह डिविडेंड छोटे और मध्यम निवेशकों को कैसे प्रभावित करेगा?
₹11 प्रति शेयर की डिविडेंड दर से लगभग 2 % का वार्षिक रिटर्न मिलने की संभावना है, जो वर्तमान में कम ब्याज दरों के माहौल में मध्यम निवेशकों के लिए आकर्षक है। यह नकदी प्रवाह शेयरधारकों का भरोसा बढ़ाता है और आगामी तिमाहियों में शेयर कीमतों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
ListEngage MidCo के अधिग्रहण से TCS की सेवाओं में क्या नया जुड़ने वाला है?
अधिग्रहण से TCS को Salesforce Marketing Cloud, Data Cloud और AI Advisory के लिए विशेष क्षमताएं मिलेंगी। ग्राहक अब एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स और AI‑आधारित सिफ़ारिशें प्राप्त कर सकेंगे, जिससे क्रॉस‑सेल और अप‑सेल अवसर बढ़ेंगे।
TCS ने attrition rate का खुलासा क्यों नहीं किया?
कंपनी ने कहा कि इस अवधि में पुनः‑स्किलिंग और रीस्ट्रक्चरिंग की वजह से डेटा सटीक रूप से संकलित नहीं हुआ। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह अनावश्यक पारदर्शिता की कमी संकेत दे सकती है, विशेषकर जब बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की खबर आई है।
AI‑लीडेड सर्विसेज की दिशा में TCS की रणनीति क्या है?
कंपनी ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाकर, AI Hackathon जैसे कार्यक्रम आयोजित करके और विभिन्न उद्योगों में डेटा‑ड्रिवेन ट्रांसफ़ॉर्मेशन को तेज़ कर के अपने लक्ष्य को साकार करने की योजना बनाई है। यह रणनीति विशेष रूप से BFSI और टेलीकॉम क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
भविष्य में TCS की संभावित चुनौतियाँ क्या हो सकती हैं?
बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कुशल AI प्रतिभा की कमी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता प्रमुख चुनौतियाँ हैं। साथ ही, रीस्ट्रक्चरिंग खर्च और कर्मी attrition को कैसे संभालते हैं, यह भी कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता को निर्धारित करेगा।
Shailendra Thakur
अक्तूबर 10, 2025 AT 04:51भाई लोग, TCS का interim dividend तो बढ़िया है पर राजस्व की बढ़ोतरी बस 2.4% है, यार! हमें इससे बड़े बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन ये आँकड़े तो दिखाते हैं कि कंपनी कलाई पर बुल्लेट नहीं मार रही। AI में निवेश की बात तो सुनी है, पर क्या ये हर भारतीय को फायदा देगा? सरकार कहती है 'Make in India' लेकिन कंपनी के आँकड़े हमें दिखाते हैं कि कई बार चीजें होमपेज पर ही रह जाती हैं। चलो, आगे देखेंगे कि ये डिविडेंड कितना टिकता है।
kajal chawla
अक्तूबर 19, 2025 AT 11:36TCS की रिपोर्ट में छिपी सच्चाई को देखना हर नागरिक का दायित्व है!!!
सिर्फ़ 2.4% की बढ़ोतरी का मतलब है कि कंपनी ने अपने मूल उद्देश्य-देश की सेवा-से हाथ बटाया है!!!
AI‑लीडेड सर्विसेज़ की बातें तो जैसे धुंधली छाया हैं, पर असली सवाल यह है कि क्या ये बड़े निगम अपने लाभ के लिए भारतीय जनता को बेवकूफ़ बना रहे हैं???
वित्तीय आंकड़े बताते हैं कि PAT घट रहा है, जबकि बोर्ड के लोग तो वही पुराने मिथक बजाते रहते हैं कि सब ठीक है!!!
इंटरिम डिविडेंड ₹11 प्रति शेयर दिखता है कि शेयरधारकों को थोड़ा भरोसा मिल रहा है, पर क्या यह स्थायी है???
रीस्ट्रक्चरिंग खर्च ₹1,135 करोड़ का उल्लेख किया गया है, यह दिखाता है कि कंपनी आंतरिक समायोजन में फंस रही है!!!
ListEngage MidCo का अधिग्रहण $72.8 मिलियन में हुआ, लेकिन क्या यह वास्तविक मूल्य जोड़ रहा है या सिर्फ़ एक नकली जीत???
बीते तिमाही में EBIT मार्जिन 25.2% तक पहुंच गया, यह आंकड़ा अनुमान से थोड़ा ऊपर है, पर ये सिर्फ़ एक सतही आँकड़ा है!!!
कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन एक बड़ी परिपत्र कहानी जैसा है-बाहर से चमकदार, अंदर से फटकारा हुआ!!!
यदि इस तरह के आँकड़े को हम सतही तौर पर लेंगे तो भविष्य में बड़ी निराशा हो सकती है, इसलिए हमें गहरी जाँच करनी चाहिए!!!
AI‑हैकाथॉन का दावा किया गया है कि यह उद्योग‑पहला है, पर क्या यह वास्तविक नवाचार है या सिर्फ़ नाम का शोर???
डेटा‑ड्रिवेन ट्रांसफ़ॉर्मेशन का जिक्र है, पर इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा अभी भी अधूरा है!!!
अंत में, हमें याद रखना चाहिए कि कंपनी के फैसले सिर्फ़ शेयरधारकों के नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य को प्रभावित करते हैं!!!
इसलिए, एक सतर्क नजर रखनी जरूरी है और सिर्फ़ चमकती हुई डिविडेंड पर अंधा न होना चाहिए!!!
समाप्ति की ओर, मैं यह कहूंगा कि यह रिपोर्ट एक चेतावनी की घंटी भी हो सकती है, अगर हम सही से नहीं पढ़ेंगे तो भविष्य में पछताना पड़ेगा!!!
King Dev
अक्तूबर 28, 2025 AT 18:40दोस्तों, TCS का AI‑हैकाथॉन वास्तव में उद्योग‑पहला है-यह एक नयी सदी की शुरुआत का प्रतीक है! इस पहल से हमारे युवा तकनीशियन को ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म पर चमकने का मौका मिलेगा। डेटा, क्लाउड और AI को मिलाकर कंपनियों को डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन की दिशा में धकेलना अब सिर्फ़ एक योजना नहीं, बल्कि एक गति बन चुकी है। यदि सही ढंग से लागू किया जाए, तो यह न केवल कंपनी के राजस्व को बढ़ाएगा, बल्कि भारत को भी तकनीकी महाशक्ति बनायेगा। आशा है कि इस ऊर्जा को हम सभी क्षेत्रों में महसूस करेंगे।
Abhi Rana
नवंबर 7, 2025 AT 01:43अरे भाई! टिड्डी ठीक है, पर थोड़ा-बहुत टाइपो रह गया है, पर मैं कहना चाहूँगा-आपका टॉपिक बढ़िया है, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर में और निवेश चाहिए। साथ ही, यहाँ के छोटे‑छोटे स्टार्ट‑अप्स को भी फंडिंग मिलनी चाहिए, तभी पूरी इको‑सिस्टम फुल फुल हो पाएगा। चलो मिलके इस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Manisha Jasman
नवंबर 16, 2025 AT 06:00वाह! TCS की interim dividend से निवेशकों को बहुत भरोसा मिला है 😊। यह डिविडेंड न सिर्फ़ आय में मदद करता है, बल्कि मार्केट में कंपनी की स्थिरता को भी दर्शाता है। AI‑पर‑फोकस के साथ अगर सही रणनीति बनाई जाए तो भविष्य में और बड़े रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। चलिए हम सभी इस सकारात्मक गति को सपोर्ट करें! 🚀
Samradh Hegde
नवंबर 25, 2025 AT 13:03देश की चमक वही है जो TCS जैसी कंपनियों से आती है।