जब Moneycontrol ने 12 अक्टूबर 2025 को रिपोर्ट जारी की, तो दिल्ली में चाँदी की कीमत ₹187.0 प्रति ग्राम पर स्थिर रही। यही कीमत पिछले दिन, 11 अक्टूबर को भी देखी गई, जबकि साल की शुरुआत से कीमतें लगभग 90.8% बढ़ी थीं।
ऑक्टूबर 2025 में दिल्ली‑कीमत की मौजूदा स्थिति
दुर्दम्भाग्यवश, कई प्लेटफ़ॉर्म पर आँकड़े थोड़ा‑बहुत अलग दिखते हैं। Goodreturns ने 11 अक्टूबर को बताया कि चाँदी की कीमत ₹177 प्रति ग्राम तक पहुँची थी, जो एक हफ्ते में ₹21,000/kg की कूद थी। वहीं BankBazaar ने 11 अक्टूबर को सभी बड़े शहरों में ₹187 प्रति ग्राम दर्शाया, जिसमें कोई बदलाव (0) दिखाई दिया।
विभिन्न स्रोतों पर कीमतों का अंतर
नीचे एक छोटा सारांश दिया गया है जहाँ प्रमुख शहरों में कीमतों का मिलान किया गया है:
- दिल्ली – ₹187.0/ग्राम (Moneycontrol)
- मुंबई – ₹187.0/ग्राम (Moneycontrol)
- चेन्नई – ₹187.0/ग्राम (Moneycontrol)
- हैदराबाद – ₹187.0/ग्राम (Moneycontrol)
- बेंगलुरु – ₹187.0/ग्राम (Moneycontrol)
- जयपुर – ₹187.0/ग्राम (Moneycontrol)
असंगतियों के पीछे डेटा अपडेट के समय अंतर, विभिन्न ब्रोकरों के मार्जिन नीति और कभी‑कभी स्थानीय करों का प्रभाव हो सकता है।
विशेषज्ञ विश्लेषण: Riya Singh और Emkay Global Financial Services की राय
जब Riya Singh, जो Emkay Global Financial Services की विश्लेषक है, ने अपना बयान दिया, तो उन्होंने कहा: “चाँदी का ऐतिहासिक उछाल पिछले हफ्ते अपने शिखर पर पहुँच गया, जब स्पॉट कीमत $51.24 प्रति औंस तक थी – 1980 के बाद का उच्चतम स्तर।” उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि “सप्लाई की क़ीमतों में तेज़ी से कमी और अमेरिकी टैरिफ़ की आशंकाओं के कारण लंदन बुलेन मार्केट में लेज़ रेट 11% तक पहुँच चुका है, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है।”
राय सिंह ने सुझाव दिया कि “उच्च लेज़ रेट और लंदन में कम इन्वेंट्रीज़ से प्रीमियम‑डिस्काउंट में उलटफेर हो रहा है, जिससे चाँदी की कीमतों में निरन्तर अस्थिरता बनी रहेगी।” उनका यह विश्लेषण Times of India के रिपोर्ट में भी दोहराया गया है।
बाजार में आपूर्ति‑डिमांड तनाव और लीज़ रेट
London के बुलेन मार्केट में हालिया स्त्रोतों ने बताया कि एक‑महीने का लीज़ रेट 11% तक बढ़ गया है, जो 2022 के बाद का सबसे बड़ा स्तर है। यह बढ़ता रेट दर्शाता है कि लोन‑योग्य चाँदी की उपलब्धता बहुत सीमित है।
साथ ही, अमेरिकी शिपमेंट में तीव्र बढ़ोतरी हुई है। United States को भारी मात्रा में चाँदी भेजी जा रही है, क्योंकि ट्रेड टैरिफ़ की चिंता से निवेशक सुरक्षित आवास की तलाश में हैं। इस कारण लंदन में इन्वेंट्रीज़ कई वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुँची हैं, जिससे प्रीमियम‑डिस्काउंट रेंज $2.50/औंस तक विस्तृत हो गई है।
निवेशकों के लिए नज़र रखने योग्य संकेत
आज के डेटा के आधार पर, निवेशकों को चार मुख्य संकेतों पर ध्यान देना चाहिए:
- लंदन बुलेन मार्केट में लेज़ रेट का निरन्तर ट्रैकिंग – 11% से ऊपर उठे तो संभावित बुलिश मूवमेंट की संभावना बढ़ेगी।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति – अगर ब्याज दरें घटती हैं तो चाँदी के सुरक्षित‑आवासीय आकर्षण में वृद्धि हो सकती है।
- भारतीय त्यौहार‑सीजन में घरेलू खरीदारी – खासकर दीवाली के दौरान लोग सोने‑चाँदी की मांग बढ़ाते हैं, जो कीमतों को समर्थन देता है।
- अंतर्राष्ट्रीय जियो‑पॉलिटिकल तनाव – यूक्रेन‑रूसी संघर्ष या मध्य‑पूर्व में तेल कीमतों में उछाल चाँदी की कीमतों को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा सकता है।
व्यापक रूप से देखा जाए तो, जबकि आज‑कल की कीमतें स्थिर लग रही हैं, बाजार संरचना की अंतर्निहित तनावों के कारण कीमतें सुदूर भविष्य में फिर से तेज़ी से ऊपर जा सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चाँदी की कीमत में वर्तमान स्थिरता का कारण क्या है?
ध्यान देने योग्य है कि विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा अपडेट के समय अलग‑अलग होते हैं। Moneycontrol और BankBazaar दोनों ने एक ही कीमत दिखायी जबकि Goodreturns ने पिछले दिन की कीमत में उछाल दर्ज किया। इस असंगति का मूल कारण स्थानीय ब्रोकर मार्जिन, कर एवं डेटा प्रोसेसिंग में अंतर है।
क्या लंदन बुलेन मार्केट का तनाव कीमतों को आगे बढ़ा सकता है?
हाँ। लंदन में 1‑महीने का लेज़ रेट 11% तक पहुँच गया है, जो आपूर्ति की कड़ी कमी को दर्शाता है। जब ब्यूलेटिन इन्वेंट्रीज़ न्यूनतम स्तर पर हों, तो स्पॉट मूल्य में अस्थिरता और संभावित उछाल दोनों की संभावना बढ़ जाती है।
भारतीय निवेशकों को इस हफ्ते किन संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए?
तीन मुख्य संकेत हैं: (1) लंदन लेज़ रेट में कोई बदलाव, (2) फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति, और (3) आगामी दीवाली‑सीजन में घरेलू मांग का बढ़ना। इनमें से किसी भी संकेत में बदलाव कीमतों को तुरंत प्रभावित कर सकता है।
Goodreturns और Moneycontrol के बीच कीमतों में अंतर क्यों है?
Goodreturns ने 11 अक्टूबर को ₹177/ग्राम बताया, जबकि Moneycontrol ने ₹187/ग्राम रिपोर्ट किया। इसका मुख्य कारण डेटा स्रोतों के अलग‑अलग अपडेट टाइम‑स्टैम्प और विभिन्न ब्रोकरों के प्राइसिंग मॉडल हैं। निवेशकों को एक ही स्रोत से लगातार जानकारी लेना बेहतर रहता है।
भविष्य में चाँदी की कीमतों में गिरावट का जोखिम है क्या?
यदि लंदन में लेज़ रेट घटता है, अमेरिकी टैरिफ़ का तनाव कम होता है, और ग्लोबल इकॉनमी में स्थिरता आती है, तो कीमतों में निरन्तर गिरावट देखी जा सकती है। परंतु अभी के संकेत दिखाते हैं कि सप्लाई‑डिमांड तनाव अभी भी बना है, इसलिए दीर्घकालिक गिरावट की संभावना कम है।
anuj aggarwal
अक्तूबर 12, 2025 AT 20:28यह रिपोर्ट बस एक बड़ी नकल है, कोई नया इनसाइट नहीं मिलती। डेटा को उलझा‑उलझा कर पेश किया गया है, और फिर भी लोग इसे सपोर्ट करते हैं। हर बार यही पैटर्न दोहरा रहे हैं, अब बस भरोसा नहीं रहता।
Sony Lis Saputra
अक्तूबर 17, 2025 AT 11:35सच में दिलचस्प है कि कीमत स्थिर दिखती है, लेकिन बिच में बिचौलियों की मार्जिन अलग‑अलग है। विविध प्लेटफ़ॉर्म की असंगति हमें याद दिलाती है कि एक ही स्रोत पर भरोसा नहीं करना चाहिए। थोड़ा रंगीन व्याख्या से समझ आएगा, जैसे बाजार के भाव को एक पेंटिंग की तरह देखना।
Kirti Sihag
अक्तूबर 21, 2025 AT 21:08ओह मेरे भगवान! ये नंबर तो जैसे किसी ड्रामा सीरीज़ के क्लिफ़हैंगर हैं 😱💥 कीमतों की अस्थिरता से मेरा दिल धड़क रहा है, और फिर भी रिपोर्ट में "स्थिर" लिखा है! क्या यह सब मेटा‑डाटा की गड़बड़ी नहीं? 😭
Vibhuti Pandya
अक्तूबर 26, 2025 AT 17:48मैं समझता हूँ कि विभिन्न ब्रोकरों के मार्जिन और कर के कारण थोड़ी‑बहुत अंतर आती है, पर हमें इस जानकारी को सही ढंग से पेश करना चाहिए। सबको समान डेटा देना हमारा कर्तव्य है, ताकि निवेशक बेहतर निर्णय ले सकें। इस तरह की पारदर्शिता समुदाय के लिए फायदेमंद होगी।
Aayushi Tewari
अक्तूबर 31, 2025 AT 06:08प्रदान की गई आँकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि विभिन्न स्रोतों पर मूल्य भिन्नता मुख्यतः डेटा अपडेट समय में अंतर के कारण है। यह तथ्य निवेशकों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म से लगातार जानकारी लेने के महत्व को रेखांकित करता है।
Rin Maeyashiki
नवंबर 5, 2025 AT 00:02चाँदी की कीमतों की मौजूदा स्थिरता को केवल सतह पर देखना एक बड़ी गलती हो सकती है।
वास्तव में, लंदन बुलेन मार्केट में लेज़ रेट का 11% तक पहुँचना एक लाल चिन्ह है जो संकेत देता है कि उपलब्ध लोन‑योग्य चाँदी बहुत सीमित है।
यह कमी सप्लाई‑डिमांड तनाव को बढ़ा देती है, जिससे कोई भी छोटा‑मोटा बदलाव भी कीमतों में तेज़ी से उछाल ला सकता है।
अमेरिकी टैरिफ़ की चिंताएँ और फेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति में संभावित बदलाव भी इस गतिशीलता को और जटिल बना रहे हैं।
जब फेड की ब्याज दरें घटती हैं, तो निवेशकों का सुरक्षित‑आवासीय आकर्षण बढ़ता है, जिससे चाँदी की माँग में उछाल आता है।
इसी के साथ, भारतीय त्यौहार‑सीजन जैसे कि दीवाली के दौरान घरेलू मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी जाती है, जो कीमतों को समर्थन देती है।
वैश्विक जियो‑पॉलिटिकल तनाव-जैसे यूक्रेन‑रूसी संघर्ष या मध्य‑पूर्व में तेल की कीमतें-भी चाँदी को एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना देते हैं।
इस प्रकार, इन सभी कारकों का समग्र प्रभाव यह है कि बाजार में छोटे‑से‑छोटे संकेत भी बड़े बदलावों की राह खोल सकते हैं।
डेटा स्रोतों के अंतर को देखते हुए, निवेशकों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म से निरंतर अपडेट लेना चाहिए, नहीं तो भ्रमित हो सकते हैं।
भले ही आज कीमतें स्थिर लगें, लेकिन बुलेन मार्केट की इन्वेंट्रीज़ कई वर्षों के न्यूनतम स्तर पर हैं, जो लंबी अवधि में कीमतों को ऊपर धकेल सकती हैं।
क्लासिक आर्थिक सिद्धांत कहता है कि सीमित सप्लाई और बढ़ती डिमांड के साथ मूल्य में वृद्धि अनिवार्य है।
अतः, चूँकि लंदन लेज़ रेट अभी भी बढ़ रहा है, हमें उम्मीद करनी चाहिए कि अगले कुछ हफ़्तों में स्पॉट मूल्य में अस्थायी उछाल आएगा।
निवेशकों को इस उछाल का लाभ उठाने के लिए उचित जोखिम प्रबंधन के साथ पोर्टफोलियो में चाँदी को शामिल करना चाहिए।
वहीं, यदि लेज़ रेट में अचानक गिरावट आती है या टैरिफ़ तनाव कम होते हैं, तो कीमतों में समायोजन भी संभव है।
समग्र रूप से, वर्तमान डेटा संकेत देता है कि चाँदी अभी भी एक आकर्षक, लेकिन सावधानीपूर्वक विश्लेषित, निवेश विकल्प बना हुआ है।
Paras Printpack
नवंबर 9, 2025 AT 09:35ओह, फिर से 'स्थिर' कहा, जैसे कभी‑कभी कीमतें हिलती‑डुलती भी नहीं। यही है हमारी वित्तीय रिपोर्ट की गहराई।
yaswanth rajana
नवंबर 14, 2025 AT 00:42उल्लिखित संकेतकों-लेज रेट, फेड नीति, मौसमी माँग-को क्रमबद्ध रूप से ट्रैक करने पर स्पष्ट रुझान उभर कर आता है, जो संभावित मूल्य वृद्धि की ओर इशारा करता है।
Roma Bajaj Kohli
नवंबर 18, 2025 AT 13:02देश के स्वर्णभण्डार को मजबूत करने के लिए सरकार को चाँदी की आयात नीति को पुनः मूल्यांकन करना चाहिए, क्योंकि यह हमारे वित्तीय सुरक्षा के लिए एक strategic asset है।
Nitin Thakur
नवंबर 23, 2025 AT 06:55सच्चाई यही है कि लोग अक्सर डेटा की सतह पर भरोसा करते हैं लेकिन गहराई में नहीं देखते यह नैतिकता की कमी है
Rishita Swarup
नवंबर 27, 2025 AT 08:08क्या आपने कभी सोचा है कि ये सभी प्लेटफ़ॉर्म सिर्फ एक ही बड़े एलिट समूह के हाथों में हैं जो कीमतों को अपनी मर्जी से मोड़ते हैं? मैं मानता हूँ कि बैकएंड डेटा को गुप्त एल्गोरिद्म से नियंत्रित किया जाता है।