BREAKING NEWS
ICC अवॉर्ड्स में दिखा विराट का जलवा, साल के तीनों अवॉर्ड्स किए अपने नाम            सरकार के दावों की खुली पोल, सीवरेज का गंदा पानी पीने को मजबूर लोग            जींद के चुनावी जंग में फिर भीड़े INLD और JJP, दादा ने अपने पोतों को बताया गद्दार           ASI ने पहले पत्नी को उतारा मौत के घाट फिर खुद किया सुसाइड, जानिए क्या है पूरा मामला            जींद उपचुनाव में दिग्विजय को मिला AAP का समर्थन, JJP होगी मजबूत            न्यूजीलैंड में धोनी का यही फॉर्म रहा बरकरार तो तोड़ देंगे सचिन का रिकॉर्ड           जींद उपचुनाव: मतदाताओं ने हर उम्मीदवार को दिखाया जीत का सपना           CM सिटी में सरेआम ट्रैफिक नियमों की उड़ाई जाती हैं धज्जियां, हादसों में हुआ भारी इजाफा           अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में थीम स्टेट महाराष्ट्र का दिखेगा इतिहास, तैयारियां जोरो पर            हार्दिक-राहुल के पक्ष में आया BCCI , दोनों की हो सकती है टीम में वापसी          
18 विधायकों की अयोग्यता बरकरार होने से तमिलनाडु राजनीति में मचा हड़कंप
18 विधायकों की अयोग्यता बरकरार होने से तमिलनाडु राजनीति में मचा हड़कंप
25 Oct 2018

 

नई दिल्ली: पूरे देश में ही राजनीति को लेकर चर्चाएं होती रहती है। लेकिन ये राजनीतिक चर्चाएं कब तूल पकड़ जाए इसका अंदाजा तो किसी को भी नहीं होता। ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु से सामने आया है। आपको बता दें कि तमिलनाडु की राजनीति में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले में उथल-पुथल मचा दी है। दरअसल, हाईकोर्ट ने विधानसभा स्पीकर द्वारा एआइएडीएमके के 18 विधायकों को अयोग्य करार करने के फैसले को बरकरार रख दिया है। जस्टिस सत्यनारायण ने फैसला सुनाते हुए सभी 18 विधायकों की अयोग्यता को बरकरार रखा है।

 

मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि टीटीवी दिनाकरन ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि अब 18 विधायकों को फैसला करना है कि वो क्या करना चाहते हैं, मैंने उनके साथ कोई भी जबरदस्ती नहीं की है। मैं विधायकों से जाकर मिलूंगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अब यह 18 विधायकों पर निर्भर करता है कि वे चुनाव में जाना चाहते हैं या नहीं। कोर्ट का फैसला एक बात है, जनता का फैसला दूसरी बात।

 

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि 'हमारे लिए कानूनी रास्ते बंद नहीं हुए हैं, कई बार अदालतों ने विरोधाभासी फैसले लिए हैं।' उम्मीद के साथ उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को पलट दें।

 

वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पीवी जयरामन ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने 18 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को धर्म की जीत बताया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि धोखेबाजों को बड़ा झटका लगा है।

Share this post

Submit to Google Bookmarks Submit to Technorati Submit to Twitter Submit to LinkedIn