BREAKING NEWS
कंपनी के लोगों ने ही किया पेटीएम के मालिक का निजी डाटा लीक           हड़ताल 8वां दिन: कर्मचारियों और सरकार के बीच फंसी जनता            सुप्रीम कोर्ट ने दी पटाखें बिक्री की मंजूरी, जानिए पटाखें जलाने की समय सीमा           लगातार छठे दिन भी आई पेट्रोल डीजल के दामों में गिरावट           मनोहर पर्रिकर को एयर एंबुलेंस से ले जाया गया गोवा, हालत नाजुक           गुरूग्राम गोलीकांड: जज के सुरक्षाकर्मी ने ही ली पत्नी और बेटे की जान           उत्तरी भारत में दिखा 'तितली' का असर, मौसम ने ली करवट           तितली ने मचाई ओडिशा और आंध्रप्रदेश में तबाही, अलर्ट जारी           रामपाल हुए दोषी करार, हिसार व आस-पास के क्षेत्र में अलर्ट जारी           फरक्का एक्सप्रेस की 9 बोगियां पटरी से उतरी, 7 लोगों की मौत          
नवरात्रों में क्यों बोई जाती है जौ, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी
नवरात्रों में क्यों बोई जाती है जौ, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी
10 Oct 2018

 

नई दिल्ली: हिंदू धर्म और हिंदू परंपरा में रीति-रिवाजों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि हर रीति-रिवाज के पीछे एक उद्देश्य छुपा होता है तो चलिए, आज हम हिंदू रीति-रिवाज के पीछे छुपे महत्वों के बारे में बताऐंगे। क्या आप जानते है कि नवरात्र में कलश के सामने गेहूं व जौ को मिट्टी के पात्र में क्यों बोया जाता है।

 

गेहूं और जौ की पूजा क्यों की जाती है। और न ही हममें से अधिकतर लोगों को यह जानते होंगे की जौ को नवरात्रों के दिनों में क्यों बोया जाता हैं। तो चलिए आज हम आपको बताऐंगे कि हिंदू धर्म में रीति-रिवाजों के क्या महत्व है।  

 

नवरात्र में जौ बोने के पीछे मान्यता है कि सृष्टि की शुरुआत में सबसे पहली फसल जौ की ही की गई  थी। और जौ को पूर्ण फसल भी कहा जाता है। जौ बोने का मुख्य कारण है कि अन्न ब्रम्हा है और इसलिए अन्न का सम्मान करना चाहिए। नवरात्र पूजा में केवल जौ बोने का ही महत्व नहीं है बल्कि यह कितनी तेजी के साथ बढ़ता है, ये भी अहम माना जाता है। क्योंकि यह हमारे भविष्य की तरफ संकेत करता है।

 

नवरात्रों में जौ का तेजी से बढ़ना घर में सुख समृद्धि का संकेत लाता है। अगर जौ घनी नहीं उगती या ठीक से नहीं उगती है तो इसे घर के लिए अशुभ माना जाता है। और अगर जौ सफ़ेद रंग के और सीधे उगे हो तो इसे शुभ माना जाता है। और अगर जौ काले रंग के टेढ़े–मेढ़े उगते है तो अशुभ माना जाता है। अगर जौ का रंग नीचे से पीला और ऊपर से हरा हो तो माना जाता है कि वर्ष की शुरुआत खराब होती है।

 

इसी के साथ अगर जयंती का रंग नीचे से हरा और ऊपर से पीला हो तो वर्ष की शुरुआत अच्छी मानी जाती होती है, लेकिन बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं। अगर जौ की वृद्धि से कुछ अशुभ संकेत मिले तो अष्टमी के दिन मां से विपदाओं को दूर करने की प्रार्थना करें और मां के बीज मंत्र का 1008 बार जाप करें।

Share this post

Submit to Google Bookmarks Submit to Technorati Submit to Twitter Submit to LinkedIn