उपराष्ट्रपति अंसारी का कार्यकाल  खत्म,विदाई से पहले विवादित बयान
उपराष्ट्रपति अंसारी का कार्यकाल खत्म,विदाई से पहले विवादित बयान
11 Aug 2017

 

नई दिल्ली: देश के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपनी विदाई से पहले एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। अपना कार्यकाल पूरा होने से एक दिन पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि देश के मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है। उन्हें भी लगता है कि नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद देश का माहौल बदल गया है।

 

हालांकि देश में मुस्लिम राष्ट्रपति से लेकर उपराष्ट्रपति तक और सिनेमा जगत पर राज करने वाले तीनों स्टार मुस्लिम समुदाय से ही है। उसके बावजूद उपराष्ट्रपति का ऐसा बयान कई सवालों को जन्म देता है। उपराष्ट्रपति के इस मन की बात में कितनी सच्चाई छुपी है और कितनी सियासत, ये कहना मुश्किल है, लेकिन इस बयान से उस बवाल को एक बार फिर से हवा मिल गई है, जब चंद महीनों पूर्व देश में इनटॉलरेंस और सेक्यूलेरिज्म ने सरकार की नींदे उड़ा रखी थी।

 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात तो सबने सुनी ही होगी, लेकिन इस बार देश के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने मन की बात कही है, जिससे सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने कार्यकाल पूरा होने से एक दिन पहले एक साक्षात्कार में कहा है कि देश के मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है।

 

देश में स्वीकार्यता का माहौल खतरे में है। उपराष्ट्रपति की राय से मुस्लिम संगठन पूरी तरह सहमत हैं। उन्हें भी लगता है कि नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद देश का माहौल बदल गया है। आजादी के 70 साल बाद देश का मुसलमान ऐसे असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। उपराष्ट्रपति के इस बयान ने इनटॉलरेंस और सेक्यूलेरिज्म को फिर से तूल दे दिया है।

 

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल    

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का ये दूसरा कार्यकाल था.

पहली बार 2007 में उपराष्ट्रपति चुने गए थे हामिद अंसारी

बीजेपी की नजमा हेपतुल्ला को हराकर उपराष्ट्रपति चुने गए थे अंसारी

2012 में यूपीए ने अंसारी को फिर से नामांकित किया था

इस बार अंसारी ने बीजेपी के जसवंत सिंह को हराया था

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है

अंसारी को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि वो विवादों से दूरी बना कर रखने वाले शख्स हैं, लेकिन आदमी ना चाहते हुए भी कई बार विवादों में पड़ ही जाता है। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के 3 विवाद भी हमेशा सुर्खियों में रहे है।

 

 हामिद अंसारी के वो 3 विवाद..

30 दिसंबर, 2011 को संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन था.

जन लोकपाल बिल पर बहस हो रही थी.

सत्ता में बैठी कांग्रेस राज्यसभा में बुरी तरह से घिरी हुई थी.

आधी रात के करीब हामिद अंसारी सदन में आए

अंसारी ने चलती बहस को रोक अचानक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी

 

अंसारी का योग से परहेज  

21 जून, 2015 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था

दुनिया के 190 देश पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे थे

राजपथ पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था

इस कार्यक्रम में बस हामिद अंसारी ही मौजूद नहीं थे

 

तिरंगे की बेअदबी !          

गणतंत्र दिवस की परेड के बाद हामिद अंसारी नए विवाद में घिरे

हामिद अंसारी को छोड़कर सभी तिरंगे को सलामी दे रहे थे

 

 

अगर भारत में मुस्लिमों की स्थिति पर नजर डाले तो...

 

भारत में मुस्लमान की स्थिति        

मुस्लिमों की जनसंख्या 14.2%
मुस्लिमों की आबादी 17.22

70% मुस्लिम साक्षरता दर

15% स्कूल ना जाने वाले बच्चे

1.3% तकनीकी शिक्षा हासिल

3% भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत

4% भारतीय पुलिस सेवा में कार्यरत

18% बेरोजगारी दर

रोजाना औसत कमाई 33.66 रुपये

 

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने विदाई से पहले उस चिंगारी को फिर से हवा दे दी है, जिसमें कुछ माह पूर्व साहित्यकार अपने अवॉर्ड लौटाने लगे थे और कुछ देश में असुरक्षित माहौल कहकर देश छोड़ने की बात करने लगे थे। अब इस विवाद के बाद और कितना बवाल होता है, ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस विवाद ने एक बार फिर से इनटॉलरेंस और सेक्यूलेरिज्म के जिन्न को फिर बोतल से बाहर लाने का काम कर दिया है।

Share this post