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38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपा-बसपा, कांग्रेस को दिखाया बाहर का रास्ता
38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपा-बसपा, कांग्रेस को दिखाया बाहर का रास्ता
12 Jan 2019

 

लखनऊ: इस साल होने वाले लोकसभा चुनावों का काउंटडाउन शुरु हो चुका है। एक तरफ जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी महागठबंधन बनाकर 2019 में मोदी लहर को रोकने की कोशिशों में जुटे हैं वहीं देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष को जोर का झटका लगा है। दरअसल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी के बीच आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर गठबंधन का ऐलान कर दिया गया है। दोनों ही पार्टियां यूपी में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जब्कि सूबे की दो सीटों को अन्य दलों के लिए रखा गया है। वहीं कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली रायबरेली और अमेठी को कांग्रेस के लिए पूरी तरह से छोड़ा गया है। इन दोनों सीटों पर बीएसपी और सपा कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

 

आपको बता दें कि दोनों पार्टियों के बीच करीब 25 साल के बाद गठबंधन हुआ है और सपा-बसपा की तरफ से दावा भी किया जा रहा है कि स बार बीजेपी को उत्तर प्रदेश में हार का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मायावती के पीएम बनने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि देश को ज्यादातर प्रधानमंत्री यूपी से ही मिले हैं और इस बार भी वह चाहते हैं कि आने वाला प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से ही हो।

 

मोदी-शाह की उड़ेगी नींद

 

लखनऊ के होटल ताज में प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरु-चेले की नींद उड़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि 1990 के आस-पास बीजेपी के जहरीले माहौल की वजह से आम जनजीवन प्रभावित था और जनता त्रस्त थी। आज भी वैसा ही माहौल है और हम एक बार फिर उन्हें हराएंगे।

 

वहीं जब मायावती से कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं करने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि  आजादी के बाद से ज्यादातर देश और राज्यों में कांग्रेस की सरकार रही है। कांग्रेस के राज में देश और राज्यों में गरीबी और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। यही वजह है कि सपा और बसपा जैसी पार्टिंया अस्तित्व में आई। रक्षा सौदों में कांग्रेस और बीजेपी की रणनीति एक जैसी ही रही है। 

 

मायावती का अपमान मेरा अपमान- अखिलेश

 

गठबंधन का ऐलान करने के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर कोई मायावती का अपमान करेगा तो उन्हें लगेगा कि मेरा अपमान किया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस गठबंधन की शुरुआत तभी से हो गई थी जब बीजेपी के कुछ नेताओं ने बीएसपी प्रमुख मायावती पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। इसके बदले उन्हें दंडित करने के बजाय बीजेपी में ऊंचे पदों पर बैठा दिया। वहीं उन्होंने इस गठबंधन के लिए पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती का पांच बार शुक्रिया किया।

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