BREAKING NEWS
ICC अवॉर्ड्स में दिखा विराट का जलवा, साल के तीनों अवॉर्ड्स किए अपने नाम            सरकार के दावों की खुली पोल, सीवरेज का गंदा पानी पीने को मजबूर लोग            जींद के चुनावी जंग में फिर भीड़े INLD और JJP, दादा ने अपने पोतों को बताया गद्दार           ASI ने पहले पत्नी को उतारा मौत के घाट फिर खुद किया सुसाइड, जानिए क्या है पूरा मामला            जींद उपचुनाव में दिग्विजय को मिला AAP का समर्थन, JJP होगी मजबूत            न्यूजीलैंड में धोनी का यही फॉर्म रहा बरकरार तो तोड़ देंगे सचिन का रिकॉर्ड           जींद उपचुनाव: मतदाताओं ने हर उम्मीदवार को दिखाया जीत का सपना           CM सिटी में सरेआम ट्रैफिक नियमों की उड़ाई जाती हैं धज्जियां, हादसों में हुआ भारी इजाफा           अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में थीम स्टेट महाराष्ट्र का दिखेगा इतिहास, तैयारियां जोरो पर            हार्दिक-राहुल के पक्ष में आया BCCI , दोनों की हो सकती है टीम में वापसी          
सपा-बसपा की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस भी आई अखिलेश के साथ
सपा-बसपा की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस भी आई अखिलेश के साथ
07 Jan 2019

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अवैध रेत खनन मामले की आंच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव तक पहुंचती दिख रही है। सीबीआई के सूत्रों की माने तो यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के खिलाफ भी जांच की जाएगी। बता दें कि साल 2012 से 2017 के बीच खनन मंत्रालय अखिलेश यादव के ही पास था, जो उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री भी थे। लेकिन सपा अध्यक्ष के खिलाफ सीबीआई कोई कदम उठाती उससे पहले बीएसपी अखिलेश के समर्थन में उतर आई है तो वहीं कांग्रेस की तरफ से भी यूपी के पूर्व सीएम को समर्थन दिया जा रहा है। इस मामले को लेकर आज 25 साल के बाद बीएसपी और समाजवादी पार्टी की तरफ से साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई और मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सपा के रामगोपाल यादव और बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि अभी हमारा गठबंधन हुआ भी नहीं है और भाजपा ने सीबीआई से गठबंधन कर लिया है।

 

राम गोपाल यादव ने कहा, 'केंद्र के इशारे पर सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है। अभी तो हमारे गठबंधन की बात ही हुई है। सड़क पर आए तो बीजेपी का चलना भी मुश्किल होगा। हताशा में सरकार ने सीबीआई से गठबंधन कर लिया है। सरकार तोते (सीबीआई) का इस्तेमाल कर रही है।' रामगोपाल यादव ने कहा कि एक तरफ अधिकारी के उपर FIR है। अगर उल्लंघन हुआ है तो सरकार के आदेशों का हुआ है तो मुख्यमंत्री कहां से दोषी है।

 

वहीं बीएसपी भी खनन घोटाले में सीबीआई छापे पर एसपी का साथ देती नजर आई।  सतीश चंद्र मिश्रा  ने कहा कि नए साल पर दोनों पार्टी के नेताओं की दिल्ली में औपचारिक मुलाकात से बीजेपी हताशा में है और इसीलिए सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, 'खनन घोटाले में आईएएस अधिकारी के ऊपर एफआईआर है। एफआईआर इस बात की है कि प्रदेश में जो कानून बनाया उसका उल्लंघन करके उन्होंने अलॉटमेंट किया। तो इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश के ऊपर इल्जाम कैसे आ गया।' 

 

कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'मोदी सरकार ने जो वादे किए उनको पूरा करने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। सिर्फ इस पर पूरा ध्यान लगाया है कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का कैसे अपने विरोधियों को कमजोर करने और उन पर आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल करना है। चाहे कांग्रेस के नेता हों, राकांपा के नेता हों, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक या अन्नाद्रमुक के नेता हों, उन पर सीबीआई, आयकर और ईडी की कार्रवाई के जरिए उनको डराने धमकाने का पूरा प्रयास किया। 

 

आपको बता दें कि खबरें सामने आ रही है कि आगामी लोकसभा चुनावों में बीएसपी और सपा के बीच गठबंधन हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर लाकर महागठबंधन बनाने की कोशिश में लगे हैं।

Share this post

Submit to Google Bookmarks Submit to Technorati Submit to Twitter Submit to LinkedIn