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रोडवेज कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, कर सकते हैं बड़ा आंदोलन
रोडवेज कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, कर सकते हैं बड़ा आंदोलन
04 Dec 2018

 

अंबाला: हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने एकबार फिर से राज्य सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। अपनी मांगे पूरी न होने को लेकर प्रदेश के अलग अलग जिलों में रोडवेज कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। रोडवेज कर्मचारी 2016 में आउटसोर्सिंग से भर्ती कर्मचारियों को निकाले जाने का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही है, जिसका कर्मचारी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना कोई तैयारी के ऑवरटाइम पॉलिसी लागू कर दी। जिससे जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

 

रमेश श्योकंद, विक्रम राणा, रामप्रकाश, सरबजीत व पुष्पेंद्र देवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार जनता और रोडवेज के कर्मचारियों के खिलाफ फैसले ले रही है। उनका कहना है कि सरकार रोडवेज को तालाबंदी की ओर लेकर जाना चाहती है जिसमें आए दिन नए-नए फरमान जारी कर जनता को परेशान किया जा रहा है। आपको बता दें कि सरकार की तरफ से 29 नवंबर को सीओज मीटिंग मे 2016 में लगे 365 चालकों को विभाग से निकालने और सभी ग्रामीण रूटों पर नाइट करने वाली गाड़ियों को बंद करने का फरमान जारी कर दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि विभाग के पास पूरे चालक हैं।  

 

सरकार द्वारा 700 प्राइवेट बसें ठेके पर लेने के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों द्वारा जनहित में 18 दिन हड़ताल की गई लेकिन कर्मचारियों ने 3 नवंबर को बसें चलाने का फैसला लिया। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के ऊपर सरकार की तरफ से की गई उत्पीड़न कार्यवाहियों को आगामी आदेशों तक सस्पेंड कर दिया था, लेकिन सरकार द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों को धत्ता बताते हुए कर्मचारियों को बाहर करने के आदेश जारी कर दिए।

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