रविवार से शुरु हो रहे नवरात्रें, इस विधि से करें मां की स्थापना
रविवार से शुरु हो रहे नवरात्रें, इस विधि से करें मां की स्थापना
17 Mar 2018

 

नई दिल्ली: वासंती नवरात्र यानि की चैत्र नवरात्र 18 मार्च रविवार से शुरू होने जा रहा है। कलश स्थापना के उपरांत नवरात्र उत्सव आरंभ हो  होता है। कलश स्थापना के दिन ही नवरात्र की पहली देवी मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की आराधना की जाती है। इस दिन सभी भक्त उपवास रखते हैं और सायंकाल में मां दुर्गा का पाठ और विधिपूर्वक पूजा करके अपना व्रत खोलते हैं।

नवरात्रों में कलश स्थापना करने से पहले पूजा स्थान को गंगा जल से शुद्ध किया जाता है। और फिर पूजा में सभी देवी-देवताओं को आमंत्रित किया जाता है। इसी के साथ कलश में सात प्रकार की मिट्टी, सुपारी एवं मुद्रा रखी जाती है और आम के पांच या सात पत्तों से कलश को सजाया जाता है।

और कलश के मध्य में नारियल को लाल चुनरी से लपेट कर रखा जाता है। इस कलश के नीचे जौ बोए जाते हैं, जिनकी दशमी तिथि पर कटाई की जाती है। मां दुर्गा की प्रतिमा पूजा स्थल के मध्य में स्थापित की जाती है। मिट्टी की वेदी बना कर जौ बोया जाता है। इसी वेदी पर घट यानी कलश स्थापित किया जाता है।

इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। पाठ पूजन के समय अखंड दीप जलाया जाता है, जो व्रत के पूर्ण होने तक जलता रहना चाहिए। कलश स्थापना के बाद श्री गणेश और मां दुर्गा जी की आरती से नौ दिनों का व्रत प्रारंभ किया जाता है। कुछ लोग पूरे नौ दिन तो यह व्रत नहीं रख पाते हैं। लेकिन आरंभ में ही यह संकल्प लिया जाता है कि व्रत सभी नौ दिन रखने हैं अथवा नौ में से कुछ ही दिन व्रत रखना है।

 

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