BREAKING NEWS
समाने आई सरकार की लापरवाही           क्या रोहिंग्या मुसलमान है सुरक्षा के लिए खतरा ?           गुरुग्राम नगर निगम चुनाव प्रचार हुआ तेज           डॉक्टर की गैरमौजूदगी में सिक्योरिटी गार्ड ने मरीज को लागये टांके           पलवली गांव चुनावी रंजिश में आतंक का खौफनाक खेल           फरीदाबाद में 5 लोगो की हत्या से मचा हड़कंप           पीएम मोदी ने किया कैबिनेट का विस्तार, नौ नए चेहरों का स्वागत           नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतरे           कानून का सबसे बड़ा ‘सच्चा सौदा’, राम रहीम को मिली 10 साल की सजा            डेरा प्रमुख राम रहीम को रेप केस में 28 अगस्त को दी जाएगी सज़ा          
मोदी  सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की कई सिफारिशें लागू की
मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की कई सिफारिशें लागू की
14 Jun 2017

 

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में जहां किसान आंदोलन कर रहे है, विपक्षी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेरने की कोशिश में लगी है. वहीं कृषि वैज्ञानिक और किसानों के राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की कृषि नीतियों की सराहना की.

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि आयोग की कई सिफारिशें लागू की हैं. मोदी सरकार ने किसान आयोग की बेहतर बीज, सॉयल हेल्थ कार्ड, बीमा, सिंचित क्षेत्र में वृद्धि सिफारिशों को लागू किया है. स्वामीनाथन ने मोदी सरकार के कृषि विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के कौशल को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी सराहना की.

 

स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें

भूमि सुधार के लिए सरप्लस और बेकार जमीन को भूमिहीनों में बांटना

आदिवासी क्षेत्रों में पशु चराने के हक यकीनी बनाना

राष्ट्रीय भूमि उपयोग सलाह सेवा सुधार

 किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए है.

राज्य स्तरीय किसान कमीशन बनाना, सेहत सुविधाएं बढ़ाना.

वित्त-बीमा की स्थिति पुख्ता बनाने के लिए कदम उठाना.

MSP औसत लागत से 50 फीसदी ज्यादा रखने  सिफारिश की.

किसानों की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य कुछेक नकदी फसलों तक सीमित न रहें.

ग्रामीण ज्ञान केंद्र और मार्केट दखल स्कीम लांच करने सिफारिश की.

 

सिंचाई के लिए

सभी को पानी की सही मात्रा मिले.

रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर शेड परियोजनाओं को बढ़ावा देना.

पंचवर्षीय योजनाओं में ज्यादा धन आवंटन की जाए.

 

फसली बीमा के लिए

बैंकिंग और आसान वित्तीय सुविधाओं को आम किसान तक पहुंचाना.

सस्ती दरों पर क्रॉप लोन मिले यानि ब्याज़ दर 4 प्रतिशत कम हो.

जब तक किसान कर्ज चुकाने की स्थिति में न आ जाए उससे कर्ज ना वसूला जाए.

प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को बचाने के लिए कृषि राहत फंड बनाया जाए.

 

उत्पादकता बढ़ाने के लिए

मिट्टी की जांच और संरक्षण.

मिट्टी के पोषण से जुड़ी कमियों को सुधारा जाए.

मिट्टी की टेस्टिंग वाली लैबों का बड़ा नेटवर्क तैयार करना.

सड़क के ज़रिए जुड़ने के लिए सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने पर जोर.

 

खाद्य सुरक्षा के लिए

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधारों पर बल.

कम्युनिटी फूड और वाटर बैंक बनाना.

राष्ट्रीय भोजन गारंटी कानून की संस्तुति.

वैश्विक सार्वजनिक वितरण प्रणाली बनाई जाए.

महिला स्वयंसेवी ग्रुप्स की मदद से ‘सामुदायिक खाना और पानी बैंक’ स्थापित करना.

Share this post