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जानें क्यों है खास इस बार गुरु पूर्णिमा...
जानें क्यों है खास इस बार गुरु पूर्णिमा...
27 Jul 2018

 

इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व 27 जुलाई को मनाया जाएगा। इस बार पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ ही गुरु पूर्णिमा का भी संयोग बना हैं। आप को बता दें कि हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सका संवत के दिन यह पर्व मनाया जाता हैं। हर साल हिन्दू, बौद्ध और जैन इस त्योहार को मनाते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरु की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। गुरु की दी गई शिक्षा के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।

 

बताते चले कि ‘गुरु’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘गू’ और ‘रू’ से बना है। ‘गू’ का अर्थ होता है अंधेरा या अज्ञानता और ‘रू’ का तात्पर्य है निवारण’। यानी गुरु का अर्थ हुआ एक ऐसा व्यक्ति जो अज्ञानता रूपी अंधकार को जीवन से मिटा दे। गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरु की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। भारत में इस पर्व का खास महत्व है। जानकारी के मुताबिक नेपाल में गुरु पूर्णिमा के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है और इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

 

दरअसल परंपरागत तौर पर बुद्ध को मानने वाले इस पर्व को भगवान बुद्ध की याद में मनाते हैं। माना जाता है कि वाराणसी के cमें उन्होंने अपने शिष्यों को पहला उपदेश दिया था। भगवान शिव को दुनिया का पहला गुरु माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर ने सप्तऋषि को योग सिखाया था। आज के दिन ऋषि पराशारा और सत्यवती के घर महाभारत के रचयिता कृष्णा-द्विपयण व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। ऋषि व्यास सभी वैदिक स्तोत्र को इकट्ठा कर वैदिक अध्ययन करते थे और बाद में उन्हें संस्कार व अभिलक्षण के आधार पर चार हिस्सों में बांट दिया। इसे ही ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का नाम दिया गया।

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