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जानिए रक्षाबंधन के खास महत्व के साथ राखी बांधने का शुभ मुहूर्त !
जानिए रक्षाबंधन के खास महत्व के साथ राखी बांधने का शुभ मुहूर्त !
24 Aug 2018

 

नई दिल्‍ली: भारत में त्‍योहार सिर्फ खाने-पीने और मौज-मस्‍ती का नाम नहीं हैं, बल्‍कि यह एक दूसरे के प्रति प्‍यार, समर्पण और त्‍याग को भी दर्शाते हैं। इन्हीं में से एक त्‍योहार है रक्षाबंधन का भी है। जो भाई-बहन के असीम प्‍यार का प्रतीक होता है। आपको बता दें कि भाई-बहन हर साल इस त्‍योहार का इंतजार करते हैं। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। तो वहीं, भाई अपनी बहनों को भेंट देकर उनकी रक्षा का वचन देते हैं। सभी त्योहारों जैसे होली, दीपावली की तरह ही इस त्‍योहार को भी देश भर में परंपरा और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है।

 

रक्षाबंधन संवेदनाओं और भावनाओं से जुड़ा हुआ त्योहर हैं। इस पर्व की महिमा ही है जो भाई-बहन को हमेशा-हमेशा के लिए स्‍नेह के धागे से बांध लेती है। बता दें कि देश के कई हिस्‍सों में रक्षाबंधन को अलग-अलग तरीके से भी मनाया जाता है। महाराष्‍ट्र में सावन पूर्णिमा के दिन जल देवता वरुण की पूजा की जाती है। तो वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन को सलोनो नाम से भी जाना जाता है। इसी के साथ यह भी माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्‍नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्‍य देने से सभी पापों का नाश हो जाता है।

 

सभी परंपराओं के साथ राखी बांधने का मुहूर्त इस त्योहार में काफी महत्व रखता है। मान्‍यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के दिन दोपहर में राखी बांधनी चाहिए। अगर दोपहर के समय उपलब्‍ध न हो तो प्रदोष काल में राखी बांधना उचित रहता है। भद्र काल के दौरान राखी बांधना बेहद अशुभ माना जाता है। इसी के साथ इस साल (26 अगस्त  2018) का राखी बांधने का समय सुबह 5 बजकर 59 मिनट से शाम 5 बजकर 25 मिनट तक का है।

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