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जानिए शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में कैसे बरसेगा अमृत ?
जानिए शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में कैसे बरसेगा अमृत ?
24 Oct 2018

 

नई दिल्ली: 24 अक्टूबर यानि आज शरद पूर्णिमा है। आज की रात्रि कई मायने में महत्वपूर्ण होती है। आपको बता दें कि शरद पूर्णिमा को शरद ऋतु की शुरुआत माना जाता है, तो वहीं इस रात को चंद्रमा संपूर्ण 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और अपनी चांदनी रात में पवित्र अमृत बरसाता है।

 

शरद पूर्णिमा की रात को चांद की इस पवित्र रात में खीर बनाकर चांदनी में रखी जाती है। जिसके बाद सुबह उसे प्रसाद के रूप में स्नान करके खाने के बाद निरोग होने का आर्शिवाद भगवान से प्राप्त होता है। धार्मिक तथ्यों के साथ-साथ इस मान्यता के पीछे वैज्ञानिक तथ्य भी है।

 

आपको बता दें कि वैज्ञानिकों के मुताबिक दूध में लैक्टिक एसिड और अमृत तत्व होता है। जब यह तत्व किरणों के सीधे संपर्क में आता है तो अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है। इसके साथ ही चावल में स्टार्च होता है जो इस प्रक्रिया आसान बनाता है।

 

इस पूरी प्रक्रिया को समझते हुए ही ऋषि-मुनियों ने शरद पूर्णिमा की रात्रि में खुले आसमान के नीचे खीर रखने का विधान किया है, क्योंकि इस दिन चांद की रोशनी सबसे अधिक होती है। इसके अतिरिक्त दूसरे वैज्ञानिक शोध के मुताबिक इस दिन दूध से बने उत्पाद का चांदी के पात्र में सेवन करना चाहिए।

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