BREAKING NEWS
हार्दिक-राहुल के पक्ष में आया BCCI , दोनों की हो सकती है टीम में वापसी           सीएम मनोहर लाल ने अहमदाबाद में हरियाणा मैत्री संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में की शिरकत           चोरी की वारदातों से निजात पाने का पुलिस प्रशासन ने निकाला नयाब तरीका           केएमपी एक्सप्रेस-वे पर फिर दिखा रफ्तार का कहर, हादसे में 2 लोगों की मौत           एनसीआर नहर में बह कर आई लाश का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा           रणदीप सुरजेवाला को टिकट देने पर पूर्व सीएम हुड्डा ने तोड़ी चुप्पी, कहा....           ऑस्ट्रेलिया में गरजा धोनी का बल्ला, 8 साल बाद फिर बने "मैन ऑफ द सीरीज”            बेखौफ बदमाशों के बुलंद हौंसले, पिस्तौल की नोक पर लूट की वारदात को दिया अंजाम           मरते दम तक जेल में सड़ेगा राम रहीम, 17 साल बाद पीड़ित परिवार को मिला इंसाफ           दिल्ली की सड़कों पर करना होना ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं तो यमराज से हो सकता है सामना           
इंटरनेट बैंकिंग ऐप से चोरी हो रहा है ग्राहकों का डाटा !
इंटरनेट बैंकिंग ऐप से चोरी हो रहा है ग्राहकों का डाटा !
25 Oct 2018

 

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर डाटा लीक होने की खबरें बढ़ती ही जा रही है। बताया जा रहा है कि गूगल प्लेस्टोर पर स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, सिटी समेत कई शीर्ष बैंकों के ऐसे एप मौजूद हैं जो कि फर्जी हैं और उनसे इन बैंकों से जुड़े हजारों ग्राहकों का डाटा चोरी हो रहा हैं। आपको बता दें कि इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की सुरक्षा से जुड़ी कंपनी सोफोज लैब्स ने एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।

 

जांच के दौरान आई रिपोर्ट में बताया गया है कि इन फेक एंड्रॉइड एप का लोगो भी असली बैंक के लोगो की तरह है जिससे ग्राहकों के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल साबित हो रहा है। बताया जा रहा है कि एप में मौजूद मालवेयर संभवत हजारों उपभोक्ताओं के खाते से और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सूचनाएं चोरी कर चुके हैं। इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, सिटी बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक के फर्जी एप प्लेस्टोर पर मौजूद हैं।

 

तो वहीं दूसरी ओर इस पर बैंकों का कहना है कि उन्हें ऐसे फर्जी ऐप के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। जबकि, कुछ बैंकों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और उन्होंने कंप्यूटर सिक्योरिटी से जुड़ी घटनाओं पर नजर रखने वाली नेशनल नोडल एजेंसी CERT-in को इस बारे में बता भी दिया है।

Share this post

Submit to Google Bookmarks Submit to Technorati Submit to Twitter Submit to LinkedIn