BREAKING NEWS
हिन्दुस्तान के सामने ‘पस्त’ हुआ पाकिस्तान           बीएसएफ में खौफ बढ़ाने के लिए पाक ने की शहीद के साथ ‘बर्बरता’           काशी में बच्चों के साथ जन्मदिन सेलिब्रट करेंगे - मोदी           जानिए क्या है 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का महत्व           बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का दूसरा दिन आज            अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई सोने की कीमतों में गिरावट           कैलाश यात्रा के बाद दुबई जाने का प्लेन बना रहे है राहुल गांधी           बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, लोकसभा चुनाव की दशा-दिशा होगी तय           अपने देश के बजाए दूसरे देशों को आधे दाम में पेट्रोल दे रहा भारत           एशियाई खेलों में भारत का छठा दिन भी रहा शानदार...          
जयपुर में होगी पीएम मोदी से मुलाकात
जयपुर में होगी पीएम मोदी से मुलाकात
07 Jul 2018

 

नई दिल्ली: देश भर में डीएनए डेटा बैंक बनाने की प्रतिक्रिया जारी है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक डीएनए बेस्ड टेक्नॉलॉजी बिल, 2018 में इसकी मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल का आशवाशन है कि इस बिल में डीएनए डेटा बैंकों से अहम और संवेदनशील जानकारियों को लीक करने वालों के लिए तीन साल की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना है। बिल के अनुसार डीएनए डेटा का इस्तेमाल सिर्फ किसी शख़्स की पहचान के लिए किया जाएगा।

 

आपको बता दें कि यह बिल संसद में 18 जुलाई से शुरू हो रहे मॉनसून में लागू किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर डीएनए बैंक बनाए जाएंगे। और इनमें पीड़ितों, अहम मामलों के संदिग्धों, और लापता लोगों का डीएनए डेटाबेस रखा जाएगा। इतना ही नहीं हाल ही में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भी इस बारे में सूचित कर दिया था।

 

केंद्र सरकार के मुताबिक विधेयक का उद्देश्य डीएनए आधारित फ़ोरेंसिक तकनीकों का विस्तार और न्याय व्यवस्था को और मज़बूत करना है। दरअसल साठ से ज़्यादा देशों ने आपराधिक मामलों की जांच में इस तकनीक के इस्तेमाल के लिए क़ानून बनाए हैं। कई प्रयोगशालाओं में डीएनए प्रोफ़ाइल से जुड़ी जांच करने की व्यवस्था की गई है।

 

Share this post

Submit to Google Bookmarks Submit to Technorati Submit to Twitter Submit to LinkedIn