BREAKING NEWS
क्या कांग्रेस का हाथ थामने के मूड में नहीं है सपा-बसपा? जल्द हो सकता है ऐलान            चुनावों के नतीजे आने हुए शुरु, पांचों नगर निगम में बीजेपी को बढ़त हासिल           नगर निगम चुनावों के नतीजे आज, जाने किसकी दावेदारी है ज्यादा मजबूत           दो राज्यों में हुई कर्जमाफी के बाद पहली बार बोले राहुल गांधी, कहा....           Wheat Allergy ने छुड़वाई नौकरी, परेशान युवती ने की खुदकुशी           लड़की की चाहत में मुंबई से पाकिस्तान पहुंचा था हामिद, 6 साल बाद हुई रिहाई           लगातार 3 सिलेंडर ब्लास्ट होने से छोटी सब्जी मंडी में लगी भीषण आग           पर्थ टेस्ट में टीम इंडिया की शर्मनाक हार, ऑस्ट्रेलिया ने 146 रनों से जीता मैच           सीएम की कुर्सी पर बैठते ही एक्शन में कमलनाथ, किया किसानों का कर्ज माफ           गरीब लड़की ने भेजा पीएम मोदी को बहन की शादी का कार्ड          
मालदीव पर अब्दुल्ला यामीन को हरा राष्ट्रपति बने इब्राहिम मोहम्मद सोलिह
मालदीव पर अब्दुल्ला यामीन को हरा राष्ट्रपति बने इब्राहिम मोहम्मद सोलिह
24 Sep 2018

 

नई दिल्ली: पिछले दिनों से हिन्द महासागर में स्थित छोटे से द्वीप समूह मालदीव में चल रही चुनावी प्रक्रिया का नतीजा भारत के हित में ही आया है। आपको बता दें कि मालदीव की जनता ने भारत से अपने रिश्तों को अच्छा बनाए रखने के लिए हिमायती मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को विजयी बनाया है।

 

जिसके बाद से बताया जा रहा है कि भारत के साथ रिश्तों को ताक पर रख कर चीन की नीतियों को बढ़ावा देने में जुटे राष्ट्रपति अब्दुल्लाह अमीन को करारा झटका लगा है। लेकिन चुनाव के परिणामों का भारत ने खुशी से स्वागत किया है। इसी के साथ भारत ने नई सरकार के साथ काम करने की इच्छा को जताते हुए कहा है कि यह जीत मालदीव में लोकतांत्रिक मूल्यों की है।

 

मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि सोलिह को कुल 92 प्रतिशत में से 58.3 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं। इसी के साथ चुनाव पर नजर रखने वाले स्वतंत्र एजेंसी ट्रांसपेरेंसी मालदीव्स के मुताबिक, सोलिह ने निर्णायक अंतर से जीत हासिल की है। वहीं दूसरी ओर, जीत के बाद अपने पहले भाषण में सोलिह ने कहा, 'यह खुशी, उम्मीद और इतिहास का पल है।'

 

बताया जा रहा था कि जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया अपनाई गई उसको लेकर भारत, अमेरिका और ब्रिटेन ने आशंका जताई थी। अनुमान लगाया जा रहा था कि राष्ट्रीय यामीन सत्ता हथियाने के लिए कुछ गड़बड़ी जरूर कर सकते करेंगे। लेकिन अंतररष्ट्रीय पर्वेक्षकों की निगरानी होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया।

Share this post

Submit to Google Bookmarks Submit to Technorati Submit to Twitter Submit to LinkedIn