नए रेलवे ब्रिज का हो रहा है निर्माण, यात्रियों का सफर होगा आसान
नए रेलवे ब्रिज का हो रहा है निर्माण, यात्रियों का सफर होगा आसान
22 Jun 2018

 

नई दिल्ली: गाजियाबाद-नई दिल्ली रेल कॉरिडोर पर ट्रैफिक कम करने के लिए रेलवे ने यमुना पर एक और पुल बनाने की तैयारी शुरु कर दी गई है। अगले साल मार्च में यमुना रेल ब्रिज (लोहा पुल) पर भी नया डबल लाइन रेल ब्रिज का काम शुरु हो जाएगा। निजामुद्दीन रेल ब्रिज के साथ-साथ एक और ब्रिज बनाया जाएगा। आपको बता दें कि रेल ब्रिज के बनने से 150 पैसेंजर और मालगाड़ियां तेजी से अपना सफर पूरा कर सकेंगी।

 

हालांकि इस समय गाजियाबाद से नई दिल्ली तक का सफर पूरा करने के लिए ट्रेनें करीब एक घंटे का समय लेती हैं। इतना ही नहीं कई बार यह समय बढ़कर दो घंटे तक हो जाता है। इस समस्या का कारण रूट का व्यस्त होना है। ट्रेनों के समय पर ना पहुंचने कि समस्या की वजह से पैसेंजर्स परेशान रहते हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि निजामुद्दीन रेल ब्रिज के पास बनने वाला यह ब्रिज 600 मीटर चौड़ा होगा।  इस पर 425 करोड़ की लागत आएगी। बता दें कि इस ब्रिज पर ट्रेनों की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की होगी। रेलवे के मुताबिक, इस साल के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इस नए ब्रिज के बनने में रिवरबेड के करीब 2000 कीकर के पेड़ आ रहे हैं।

 

दरअसल इसमें खास बात यह भी है कि पुराने यमुना ब्रिज पर भी काम चल रहा है। पुराने यमुना ब्रिज को नया बना दिया जाएगा। इस बिज्र को 800 मीटर लंबा डबल लाइन रेल ब्रिज बनाया जा रहा है। इसकी लागत करीब 200 करोड़ रुपये होगी। अगले साल मार्च तक इस पर भी काम शुरु हो जाएगा।

 

बताया गया है कि लोहा पुल, बाढ़ आने के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होता है और उस पर ट्रेनों की स्पीड कम करनी पड़ती है। इतना ही नहीं यमुना नदी खतरे के निशान को छू लेती है तो ट्रैफिक को बंद भी करने की नौबत आ जाती है। बता दें कि इससे ब्रिज पर बाढ़ आने पर भी ट्रेनों के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पुराने यमुना ब्रिज के मुकाबले नए ब्रिज की स्पीड पर प्रतिबंध नहीं है।

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