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बीजेपी मुख्यालय में अटलजी के अंतिम दर्शन लिए लगा तांता
बीजेपी मुख्यालय में अटलजी के अंतिम दर्शन लिए लगा तांता
17 Aug 2018

 

नई दिल्ली: भारत रत्न और तीन बार प्रधानमंत्री रहे चुके अटल जी दुनिया को अलविदा कह चुके है। अटल जी का पार्थिव शव को सेना की विशेष गाड़ी से भाजपा मुख्यालय ले जाया गया। इस दौरान तीनों सेनाओं की एक संयुक्त टुकड़ी उनके साथ रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह मुख्यालय में मौजूद हैं। यहां एक बजे तक आम लोग अटलजी के आखिरी दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद अंत्येष्टि के लिए अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से दीनदयाल उपाध्याय मार्ग (डीडीयू) से होते हुए आईटीओ और वहां से राजघाट के पीछे स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पहुंचेगी।

 

आपको बता दें कि भाजपा मुख्यालय से यहां तक की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। 4 बजे अटलजी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले, उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार शाम को एम्स से अंतिम दर्शन के लिए कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया था। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अटलजी के कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर शुक्रवार सुबह श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं ने गुरुवार देर रात श्रद्धांजलि दी। अटलजी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्स में अंतिम सांस ली थी। वो नौ हफ्ते से बीमार चल रहे थे और 67 दिन से एम्स में भर्ती थे। इसी के साथ अटलजी के निधन पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई। शुक्रवार को देश के 12 राज्यों ने राजकीय शोक और अवकाश की घोषणा की।

 

इनमें से दिल्ली, उत्तरप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पंजाब, बिहार, झारखंड, हरियाणा, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में सरकारी कार्यालय, स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में भी शुक्रवार को एक बजे तक काम होगा। दिल्ली में व्यापारियों ने भी सभी बाजार बंद रखने का फैसला किया है।

 

यमुना किनारे राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर डेढ़ एकड़ जमीन पर अटल बिहारी वाजपेयी का समाधि स्थल बनाया जाएगा। यूपीए सरकार ने नदी के किनारे समाधि स्थल बनाने पर रोक लगा दी थी, लेकिन मोदी सरकार ने इस फैसले को पलटते हुए वहां समाधि स्थल बनाने का फैसला लिया है। इस संबंध में मोदी सरकार जल्द अध्यादेश ला सकती है। यहीं नही भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामगेयाल वांगचुक शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे। नेपाल के विदेश मामलों के मंत्री पीके ग्यावाल, श्रीलंका के कार्यकारी विदेशी मंत्री लक्ष्मण किरीला, बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हासन महमूद अली और पाकिस्तान के कानून मंत्री अली जफर अटलजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आज दिल्ली पहुंचेंगे।

 

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