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बीजेपी नेता कर रहे जातियों में भेदभाव फिर किसे मिला समानता का अधिकार?
बीजेपी नेता कर रहे जातियों में भेदभाव फिर किसे मिला समानता का अधिकार?
04 May 2018

 

लखनऊ: चुनाव जीतने के लिए बीजेपी नेता हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन इन प्रयासों का आम जनता पर कुछ अलग ही असर हो रहा है। आपको बता दें कि देश में राजनेताओं द्वारा दलितों के घरों में खाना खाने के बढ़ते चलन के बीच बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने इसे दिखावा बताया है और बहुजन समाज का ‘अपमान‘ करने की बात कहीं है।

 

हाल ही में दलितों के घर में खाना खाये जाने के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेताओं से पूछे गये सवाल पर सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने भारत के संविधान में जाति व्यवस्था को खत्म करते हुए सबको बराबर की जिंदगी जीने का अधिकार दिया है, लेकिन आज भी अनुसूचित जाति के प्रति लोगों की मानसिकता साफ नही है।

 

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘इसीलिये लोग उनके घर में खाना खाने तो जाते है, लेकिन उनका बनाया हुआ खाना नहीं खाते। उनके लिये बाहर से बर्तन आते है, बाहर से खाना बनाने वाले आते है, वे ही परोसते भी है। राजनेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दिखावे के लिये दलित के दरवाजे पर खाना खाकर फोटो खिंचवायी जा रही है और उन्हें व्हाट्सअप, फेसबुक पर वायरल किये जाने के साथ-साथ टीवी चैनलों पर चलवाकर वाहवाही लूटी जा रही है। इससे पूरे देश के बहुजन समाज का अपमान हो रहा है।’’

 

अनुसूचित जाति के हक और राजनेताओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर अनुसूचित जाति के लोगों का सम्मान बढ़ाना है तो उनके घर पर खाना खाने के बजाय उनके लिये रोटी, कपड़े, मकान और रोजगार का इंतजाम किया जाए। इसके साथ ही कहा कि हम सरकार से मांग करते है कि वह अनुसूचित जाति के लोगों के लिये नौकरियां सृजित करे। केवल खाना खाने से अनुसूचित जाति के लोग आपसे नहीं जुड़ेंगे।

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