21वीं सदी में होगा सबसे लंबा चंद्रग्रह्ण
21वीं सदी में होगा सबसे लंबा चंद्रग्रह्ण
29 Jun 2018

 

नई दिल्ली: क्या आप जानते है 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रह्ण जुलाई में होने वाला है। इतना ही नहीं आप यह समझ लीजिए कि इसके आगे-पीछे 13 जुलाई और 11 अगस्त 2018 को दो सूर्यग्रहण भी पड़ेंगे। बताया जा रहा है की लगातार होने वाले तीन ग्रहणों में चंद्रग्रह्ण का ज्योतिषीय प्रभाव गहरा हो सकता है। बता दें कि इसके अतिरिक्त पृथ्वी पर मौजूद विभिन्न देशों के हजारों सैटेलाइट्स इससे प्रभावित होकर बिगड़ सकते हैं। इतना ही नहीं विमान सेवा भी प्रभावित हो सकती है।

 

मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है नेपाल में हुए विमान हादसे के अलावा इस वर्ष लगभग आधा दर्जन विमान हादसे हो चुके है। वर्ष 2017 में ग्लेशियर टूटने से लेकर भूकंप की कई घटनाएं हुई। बताया जा रहा है कि लगभग 6 घंटा 14 मिनट तक रहेगा आगामी चंद्रग्रह्ण 27 जुलाई 2018 का चंद्रग्रह्ण भी 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रह्ण रहने वाला है। इसमें पूर्ण चंद्रग्रह्ण की स्थिति 103 मिनट तक रहेगी।

 

आपको बता दें कि भारत में यह लगभग रात्रि 11 बजकर 55 मिनट से शुरु और लगभग 3 बजकर 54 पर पूर्ण होगा। इसका गहरा प्रभाव पृथ्वी पर होना सुनिश्चित है। इससे पहले 26 जुलाई 1953 को सबसे लंबा चंद्रग्रह्ण हुआ था । इसी ग्रहण के बाद अगस्त के मध्य में ग्रीस में लगभग 113 भूकंप आए। ज्योतिष के अनुसार पृथ्वी के लिए राहु-केतु वे छायाग्रह हैं जिससे जुड़कर सूर्य और चंद्रग्रहण बनते है।

 

बताया गया है कि इससे भूकंप, चक्रवात, ज्वालामुखी व सुनामी जैसी कई तबाहियाँ और इसी के साथ विमानों के गड़बड़ाने की आशंका भी बढ़ जाती है। ज्योतिषानुसार इसका प्रभाव हर जीव और जड़ पर पड़ता है। यह विभिन्न विनाशकारी भौगोलिक घटनाओं का कारक हो सकता है।

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